lets free ur mind birds

Just for Soul

53 Posts

37859 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 591 postid : 1016

कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते

Posted On: 25 Jun, 2012 में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

sundoghand-sm

कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते,
जुड़े होते हैं दिलों के तार उनके भी
जिनके होंठो पर मोहब्बत के पैगाम नहीं होते,
कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते
****************************************
पी ही लेते हैं वे भी आँखों से छलकती मय,
जिनके हाथों में कभी जाम नहीं होते
कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते..
*******************************************
यों तो शरीक होते हैं इस खेल में लाखो मगर ,
सबकी तक़दीर में इश्क के ईनाम नहीं होते
कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते..
*********************************************
मोहब्बत का आगाज तू कर भी ले शायद,
पर तेरे हाथ में मोहब्बत के अंजाम नहीं होते
कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते..
**************************************************
लिखी जाती हैं पत्थरों से तकदीरें मोहब्बत कीं,
तकदीर –ऐ–मोहब्बत में ऐशो-आराम नहीं होते
कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते..
कुछ ऐसी मोहब्बतें भी जहाँ में होती हैं,
जिनके चर्चे ऐ दिल सरे आम नहीं होते,
कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते..

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (21 votes, average: 4.86 out of 5)
Loading ... Loading ...

2107 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Alexandre के द्वारा
January 12, 2014

Great stfuf, you helped me out so much!

    Tiger के द्वारा
    July 12, 2016

    I never thought I would find such an everyday topic so enrhtalling!

AMAR LATA के द्वारा
May 27, 2013

रौशनी जी, नज़रों की महफ़िल में बचा के रखना ये जिगर ऐ दोस्त… यहाँ खंजर से कत्ले आम नहीं होते…

    Makailee के द्वारा
    July 12, 2016

    You write so hotsnely about this. Thanks for sharing!

roshni के द्वारा
July 16, 2012

धन्यवाद Respected बाजपाई जी

Ramesh Bajpai के द्वारा
July 15, 2012

प्रिय रोशनी जी शब्दों के पंखो पर सवार भावो के इन मोतियों ने जो उड़न भरी है उसे तो बस महसूस ही किया जा सकता है | मिलन और विछोह के क्रम में नियति क्या खेल खेलेगी क्या पता , पर मन के कैनवास पर नियति की तूलिक बस चलती ही रहती है | शुभकामनाओ सहित

mataprasad के द्वारा
July 8, 2012

रोशनी जी, बहुत ही अच्छी प्रस्तुति … दिल को छूती हुई

    roshni के द्वारा
    July 16, 2012

    धन्यवाद माता प्रसाद जी

    Buffy के द्वारा
    July 12, 2016

    Amusant plutôt compliqué et très galère si j’ai bien compris le réalisateur! Et concernant ta remarques sur une double réalisation je t’invite à lire ou relire l’article sur le steadicam à 2 têtes utilisé pour la première fois sur le défilé du 14 juillet. Et à cette heure, à 2h de samedi, je dois m’excuser car je n’ai pas eu encore (ce week end) la livraison tant attendue ce ce premier Ident du nouvel habillage de France 2 promis pour ce vendredi… Ca m&qnruo;appresdra à faire une promesse qui ne dépend pas du tout de moi! Je me rattraperai très vite!

Mohinder Kumar के द्वारा
July 6, 2012

रोशनी जी, आपकी इस पोस्ट पर मैंने पहले भी टिप्पणी दी थी पर मुझे कहीं नजर नहीं आ रही. आप अपना स्पेम मेल भी चेक कर लीजियेगा. आपकी यह रचना पढ कर मुझे एक गाना याद आ गया जिसके बोल हैं “हमने देखी हैं इन आंखों की महकती खूश्बू… हाथ से छू के इसे रिश्तों का इल्जाम न दो, सिर्फ़ अहसास है इसे रूह से महसूस करो प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो” भाव प्रधान रचना के लिये बधाई.

    roshni के द्वारा
    July 6, 2012

    मोहिंदर कुमार जी नमस्कार मैंने अबी spam में चेक किया है वहां तो बॉक्स खली है खैर कोई बात नहीं कई बार नेट की प्रॉब्लम के कारन भी कमेन्ट पोस्ट नहीं हो पाते … ये गीत तो सदाबहार और मेरा पसंदीदा गीत है … सुंदर गीत है ये प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो … प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत आभार

shristi singh yadav के द्वारा
July 5, 2012

wah! rosni ji apki ye kavita to hmare dil ko chu gyi .thanku so much for ur this poem .apko bhut -bhut subhkamnaye ki apki poems publish hui aur ase hi likhti rho..apni kavitao k jriye hm bhte hue insano ko shi rasta dikhlate ki kosis krti rho,,,,,,,,,,,,,,,,thanku so much

    roshni के द्वारा
    July 6, 2012

    shristi सिंह जी नमस्कार रचना दिल को छु गयी जानकर अच्छा लगा … रचना को पसंद करने के लिए और बधाई के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

    Delia के द्वारा
    July 12, 2016

    You write so hotnlesy about this. Thanks for sharing!

Deep के द्वारा
July 1, 2012

वह रौशनी जी, बहुत ही कमाल की रचना है आपकी.. और newspaper में आपकी रचना प्रकाशित हुई उसके लिए बहुत बहुत बधाई.. हमारी तो यही कामना है की आप इससे ही जागरण के मंच को आपनी सुंदर और अममुल्य रचनाओ से विभोर करती रहे.. शुभ कामना..

    Deep के द्वारा
    July 1, 2012

    कृपया वह को वाह पढ़िए

    roshni के द्वारा
    July 4, 2012

    दीप जी … आपका कमेन्ट देख कर बहुत खुशी हुई … आपकी शुभकामनाये ऐसे ही साथ रहे तो हमेशा अच्छा लिखने का प्रयास करती राहगी … आभार

seemakanwal के द्वारा
July 1, 2012

सबकी तकदीर में इश्क़ के ईनाम नहीं होते ,कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते .खुबसूरत ग़ज़ल .

    roshni के द्वारा
    July 1, 2012

    सीमा जी , तारीफ के लिए तहे दिल शुक्रिया

    Nettie के द्वारा
    July 12, 2016

    Deep thinking – adds a new diemosinn to it all.

punita singh के द्वारा
June 29, 2012

रौशनी जी सुन्दर कविता के लिए शुभकामनायें |

    roshni के द्वारा
    June 29, 2012

    Punita ji apki anmole shubhkamao ke liye abhar

shiv shambhu sharma के द्वारा
June 29, 2012

bahut सुन्दर abhivyakti aur प्रस्तुति dhanyavaad rousane जी koi bhee vastu बिना nam की नहीं होती naam होता है saajo saaman नहीं

    roshni के द्वारा
    June 29, 2012

    लगता है ज्ज में प्रॉब्लम के कारन एक के साथ एक फ्री मिल रहा है .. इसी कारन आपका भी दो बार आया है आभार

shiv shambhu sharma के द्वारा
June 29, 2012

bahut सुन्दर abhivyakti aur प्रस्तुति dhanyavaad rousane जी koi bhee vastu बिना nam की नहीं होती naam होता है saajo saaman नहीं HOTA

    roshni के द्वारा
    June 29, 2012

    शिव शम्बू जी आपके अमूल्य विचारों के लिए आभार और रचना को पसंद करने के लिए बहुत बहतु शुक्रिया

SAVI के द्वारा
June 29, 2012

रोशनी जी, “इश्क के रिश्ते बेनाम रहे तो ही अच्छा रिश्तों में बाँधोगे तो इश्क खो जायेगा”

    roshni के द्वारा
    June 29, 2012

    सावी जी जो बेनाम रहते है वोह दर्द भी ज्यदा देते है … आपके अमूल्य विचारों के लिए शुक्रिया आभार

Avadhut के द्वारा
June 29, 2012

रौशनी जी, अतुलनीय रचना, हमारा दिल भी था राजदार, पार साब तो आखों ने कहा दिया. वरना हम भी बदनाम नहीं होते कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते. अभिनन्दन!!

    roshni के द्वारा
    June 29, 2012

    अवधूत जी बहुत बहुत धन्यवाद रचना को पसंद करने के लिए आभार

vivek के द्वारा
June 29, 2012

Kuch aisi hi h meri mohabbat really Kuch risto k naam nhi hote mohabbat ka aagaz hum kr v le pr anjaam hamare hath nhi hote. Bahut khoobsurat rachna hai ye aapki.

    roshni के द्वारा
    June 29, 2012

    विवेक जी नमस्कार आपकी कहानी इससे मिलती जुलती है really … nice , होता है अक्सर ऐसा जिन्दगी में रचना को पसंद करने के लिए आभार

allrounder के द्वारा
June 28, 2012

रौशनी जी आपकी रचना को टॉप ब्लोग्ग्स मैं स्थान मिला उसके लिए अभिनन्दन आपका !

    roshni के द्वारा
    June 29, 2012

    सचिन जी, आपकी शुभकामनाओ के लिए बहुत बहुत धन्यावाद ….. आभार

    Teige के द्वारा
    July 12, 2016

    Oi Ico,vc acha que Ross Brawn ao ter os dois candidatos ao título debaixo do mesmo teto está relaxado ou o desempenho de Rubinho o está jogando contra as cordas num suposto favorecimento a Jenson? Não esqueçamos que este veio junto com o pacote comprado da Honda e era mesmo antes da compra a &qosu;ettrela" do time e Rubens veio como veio, nos último minuto do segundo tempo.Um abraço,Joniel

Santosh Kumar के द्वारा
June 28, 2012

आदरणीय रौशनी जी ,..सादर नमस्ते अब क्या लिखूं इन बेहतरीन शेरों पर ,..सबकुछ मंद ही होगा ,..bahut दिनों बाद पढ़ पाया हूँ ,क्षमा प्रार्थी भी हूँ ,…सादर आभार

    roshni के द्वारा
    June 28, 2012

    संतोष जी नमस्कार, आपने अपना बहुमूल्य समय दिया यही काफी है.. जैसा की हम सब जानते है सब साथी अपनी व्यवस्ता से समय निकाल कर jj पे आते है तो कृपया क्षमा मांग कर हमे छोटा न करे .. बस अपने अमूल्य विचारों से अवगत करवाते रहे जब भी समय मिले रचना को पसंद करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया

    Malinda के द्वारा
    July 12, 2016

    Rosey PattersonOctober 19, 2012We taught this song at my church in Birmingham just last Sunday! It’s obviously early days, but the comments from the congregation have been overwhelmingly positive so far. I agree that it is a good combination of excellent words and a good tune (though slightly reminiscent of aha!) I also felt the congregation picked it up very quickly, a sign of a good corporate song. I like the idea of teaching the har8ony&#m230;might try that sometime.

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
June 28, 2012

मोहब्बत का आगाज तू कर भी ले शायद, पर तेरे हाथ में मोहब्बत के अंजाम नहीं होते बहुत खूब कहा आपने/कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते. बधाई. आदरणीय रोशनी जी, सादर

    roshni के द्वारा
    June 28, 2012

    Respected प्रदीप जी नमस्कार आपकी अमूल्य प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आभार

yogi sarswat के द्वारा
June 28, 2012

लिखी जाती हैं पत्थरों से तकदीरें मोहब्बत कीं, तकदीर –ऐ–मोहब्बत में ऐशो-आराम नहीं होते कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते.. कुछ ऐसी मोहब्बतें भी जहाँ में होती हैं, जिनके चर्चे ऐ दिल सरे आम नहीं होते, कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते.. बिलकुल सही कहा आपने रोशनी जी , कुछ रिश्तों को नाम नहीं दिया जा सकता ! बहुत सुन्दर शब्द ! रोशनी के आ जाने से इस मंच पर रोशनी आ जाती है !

    roshni के द्वारा
    June 28, 2012

    योगी जी नमस्कार , रचना को पसंद करने के लिए तहे दिल से शुक्रिया … और आपकी तारीफ के क्या कहने धन्यवाद …और आप सब साथियों के इस प्रोत्साहन के कारन ही रौशनी थोडा और रोशन हो जाती है बहुत बहुत आभार

    jlsingh के द्वारा
    June 30, 2012

    रोशनी जी, नमस्कार! योगी जी के शब्दों के साथ पूरी सहमती रखता हूँ … देर से प्रतिक्रिया देने के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ.

    roshni के द्वारा
    June 30, 2012

    jl सिंह जी , प्रतिकिर्या के लिए आभार .. देर सवेर तो हो ही जाती है .. देखिये अब मुझे ही लीजये में भी अक्सर देर कर देती हूँ टिप्पणी देने में .. आभार

pritish1 के द्वारा
June 27, 2012

आपकी रचना का कोई जवाब नहीं……….i think so कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते.. जानकर भी हम अनजान होते हैं वही हमारे लिए अमूल्य होते हैं हम उनका नाम नहीं दे पाते………..

    roshni के द्वारा
    June 28, 2012

    pritish जी नमस्कार , इतनी तारीफ के लिए बहुत बहुत शुक्रिया … बीएस कुछ अनमोल रिश्ते जो बिना किसी नाम के होते है मगर दिल के करीब होते है उन्हें ही समझने की और बयाँ krne की kosish की है apki amuly tippni के लिए बहुत बहुत शुक्रिया (हिंदी का font सही नहीं चल रहा इसलिए कुछ इंग्लिश के वर्ड मिक्स हो रहे है ) आभार

yamunapathak के द्वारा
June 27, 2012

बहुत सुन्दर भाव हैं

    roshni के द्वारा
    June 28, 2012

    यमुना जी धन्यवाद

alkargupta1 के द्वारा
June 27, 2012

रोशनी जी , बहुत सही है …कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते बस बन जाते हैं ये रिश्ते कहीं ना कहीं दिलों से इनके तार जुड़े होते हैं…….अति सुन्दर रचना

    roshni के द्वारा
    June 28, 2012

    अलका जी नमस्कार , प्रशंसा के लिए बहुत बहुत शुक्रिया ऐसे ही अपने विचारों से अवगत करते रहिएगा आभार

ajaykr के द्वारा
June 26, 2012

मोहब्बत का आगाज तू कर भी ले शायद, पर तेरे हाथ में मोहब्बत के अंजाम नहीं होते…………. वाह रौशनी जी ….सुंदर कविता , काफी कुछ मुहब्बत के बारे में आपने लिखा हैं ,इसमें ज्यादातर तो हकीकत हैं ,क्यूंकि मुझपे ऐसी बीती हैं …मेरा अनुभव कुछ ऐसा ही हैं ,

    roshni के द्वारा
    June 27, 2012

    अजय जी , अक्सर जो हकीकत होती है वोह शब्दों का रूप लेकर कागज़ पर उतर आती है… कविता को पसंद करने के लिए आभार

Rita Singh, 'Sarjana' के द्वारा
June 26, 2012

रौशनी जी ,बहुत खूब -” यों तो शरीक होते हैं इस खेल में लाखो मगर , सबकी तक़दीर में इश्क के ईनाम नहीं होते कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते..

Rita Singh, 'Sarjana' के द्वारा
June 26, 2012

रौशनी जी , बहुत खूब – यों तो शरीक होते हैं इस खेल में लाखो मगर , सबकी तक़दीर में इश्क के ईनाम नहीं होते कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते.. बधाई

    roshni के द्वारा
    June 29, 2012

    रीता जी नमस्कार , देरी से उत्तर के लिए माफ़ी चाहती हूँ , आपका कमेन्ट मेरी spam में चला गया था रचना की तारीफ के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आभार

akraktale के द्वारा
June 26, 2012

रोशनी जी सादर, मोहब्बत का आगाज तू कर भी ले शायद, पर तेरे हाथ में मोहब्बत के अंजाम नहीं होते कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते……. बहुत सुन्दर रचना. बधाई.

    roshni के द्वारा
    June 27, 2012

    Akraktale जी नमस्कार रचना को हमेशा की तरह पसंद करने के लिए और प्रोतसाहित करने के लिए आभार

savi के द्वारा
June 26, 2012

बहुत खूब रौशनी जी, मंच मे फिर से देख कर अच्छा लगा और साथ ही आप कि रचना भी…. बधाई

    roshni के द्वारा
    June 27, 2012

    सावी जी नमस्कार मुझे भी वापस आकार काफी अच्छा लग रहा है आखिर आप जैसे अच्छे दोस्त जो मिले है jj से …. रचना की तारीफ के लिए शुक्रिया

    Aarti के द्वारा
    January 13, 2014

    It’s a plraeuse to find someone who can identify the issues so clearly

    Star के द्वारा
    July 12, 2016

    Yazıya sonuna kadar katılıyorum. Onur Air adam akıllı yardımını yapsın ve sonra insanlar bunu ‘helal olsun’ diye duyursun isterdim. Ama burada resmen hadi like verecek kiÅŸileri getirin bizde onlar adına yardım yapalım gibi sığ bir mantık var. Ne demek efendim? Hiç like olmazsa yapmayı dÃü¼Ã¼ndüğşn yardımı yapmaktan vaz mı geçeceksiniz?

chaatak के द्वारा
June 26, 2012

‘कुछ ऐसी मोहब्बतें भी जहाँ में होती हैं, जिनके चर्चे ऐ दिल सरे आम नहीं होते,’ रौशनी जी, रचना में दर्द के साथ-साथ मोहब्बत की बढती हुई तासीर का भी अहसास है| एक अजब सा सुकून भी है इन बेचैन पंक्तियों में| बहुत खूब! हार्दिक बधाई !

    roshni के द्वारा
    June 27, 2012

    चातक जी नमस्कार अक्सर ये रिश्ते जितने दूर होते है उतने ही पास खीचते है .. आपके सुंदर विचारों के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आभार

RAJEEV KUMAR JHA के द्वारा
June 26, 2012

बहुत सुन्दर गजल रौशनी जी. कुछ ऐसी मोहब्बतें भी जहाँ में होती हैं, जिनके चर्चे ऐ दिल सरे आम नहीं होते, कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते.. बहुत खूब.

    roshni के द्वारा
    June 27, 2012

    राजीव जी नमस्कार रचना को पसंद करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया

dineshaastik के द्वारा
June 26, 2012

यों तो शरीक होते हैं इस खेल में लाखो मगर , सबकी तक़दीर में इश्क के ईनाम नहीं होते रोशनी जी सच कहा आपने, लेकिन मेरा मानना है- इन रिश्तों की शरुआत स्वार्थ से होती है, सफलता और सुख इसके मुकाम नहीं होते। मुहब्बत यदि खुदा होती जहाँ में, तो मुहब्बत करने वाले यूँ बदनाम नहीं होते। कहते हैं चाँद तोड़ सकता हूँ, एक आम तोड़के ला दो, पेड़ ऊँचा है, वादे निभाना आसान नहीं होते।।

    roshni के द्वारा
    June 27, 2012

    दिनेश जी नमस्कार , रचना की तारीफ के लिए शुर्किया … आपकी लिखी शयरी के लिए दो शब्द वादा उतना ही करो जितना निबा सकते हो खवाब पूरा जो न हो वोह न दिखाना मुझको ..आभार

अजय कुमार झा के द्वारा
June 25, 2012

वाह सारे के सारे एक से बढकर एक हैं ..बहुत बहुत शुभकामनाएं

    roshni के द्वारा
    June 26, 2012

    अजय झा जी नमस्कार रचना को पसनद करने के लिए बहुत बहुत आभार

anamika के द्वारा
June 25, 2012

सही फरमाया अपने …कुछ रिश्तो के नाम नहीं होते……बस रिश्ते बन जाते है……गुलज़ार के शब्दों में …..रिश्ते बनते है बड़े धीरे से …बनने भी दे |कच्चे लम्हे को ज़रा शाख पर पक देने दे |…..बहुत सुन्दर प्रस्तुति

    roshni के द्वारा
    June 26, 2012

    अनामिका जी नमस्कार काफी समय के बाद आपकी प्रतिक्रिया मिली ख़ुशी हुई देखकर … रचना को पसनद करने के लिए और आपके विचारों के लिए बहुत बहुत आभार धन्यवाद सहित

Chandan rai के द्वारा
June 25, 2012

रौशनी जी , लिखी जाती हैं पत्थरों से तकदीरें मोहब्बत कीं, तकदीर –ऐ–मोहब्बत में ऐशो-आराम नहीं होते आपने तो बेनाम रिश्तों की अभ्यर्थना को बड़ी ही साफगोई से दिल में पैवस्त कर दिया , रिश्तों के सुकूत में आपकी रचना की बेनामी भी एक अलग नाम ले रही है , बहुत सुन्दर रचना !

    roshni के द्वारा
    June 26, 2012

    चन्दन जी नमस्कार रचना की तारीफ के लिए आभार ..

meenakshi के द्वारा
June 25, 2012

Roshni जी , ” कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते ” सच में जहाँ में …कभी-कभी …कुछ ऐसी भी मोहब्बतें होतीं हैं.. आपने बखूबी रौशन किया है…बहुत-२ शुभकामनायें ,मेरी और से .

    roshni के द्वारा
    June 26, 2012

    मिनाक्षी जी धन्यवाद तारीफ के लिए

vikramjitsingh के द्वारा
June 25, 2012

वाह.! रोशनी जी….वाह.!! ”लिखी जाती हैं पत्थरों से तकदीरें मोहब्बत कीं, तकदीर–ऐ–मोहब्बत में ऐशो-आराम नहीं होते….” दो शब्द आपकी नज़र…… ”मोहब्बत करने वालों को जो देखा….तो बुरा देखा…… किसी की आँख में आंसू…किसी को ग़मज़दा देखा…..” सुन्दर रचना के लिए धन्यवाद…..

    roshni के द्वारा
    June 26, 2012

    विक्रमजीत जी नमस्कार आपके दो शब्दों के लिए आभार.. बहुत अच्छे लगे … धन्यवाद सहित

allrounder के द्वारा
June 25, 2012

नमस्कार रौशनी जी, आपकी रचना मैं इस अलौकिक दुनिया मैं जहाँ तहां मौजूद ऐसे रिश्तों की बात कही गई है शायद जो अनाम होते हुए भी, बहुत मजबूती से जुड़े होते हैं, और जो कभी – कभी चाहते हुए भी तोड़ते नहीं बनते ! हर बार की तरह इस बार भी आपके खुबसूरत अल्फाज और जज्बातों से सजी कविता पर हार्दिक बधाई आपको !

    roshni के द्वारा
    June 26, 2012

    सचिन जी नमस्कार , जी हाँ अपने सही जाना कुछ रिश्ते अनाम होते हुए भी बहुत मजबूती से जुड़े होते है … तारीफ के लिए आभार

UMASHANKAR RAHI के द्वारा
June 25, 2012

बधाई सुन्दर रचना

    roshni के द्वारा
    June 26, 2012

    उमाशंकर जी धन्यवाद् तारीफ के लिए


topic of the week



latest from jagran