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इक पहेली सी हूँ

Posted On: 28 Dec, 2011 में

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images (1)इन दिनों मसरूफ हूँ मै खुद की तलाश में
सागर किनारे लड़ रही हूँ अपनी ही प्यास से…..
देखो जरा गगन की ओर टूटने लगे तारे,
हाथ किसी ने बढ़ाया होगा पूरे विश्वास से…..
उड़ने लगती हूँ बिना पंखो के मै यूँही,
वो हवा सा जब भी गुजर जाता है पास से…..
एक दिन मिल जाते है बिछड़े हुए सभी,
ए–काश वो भी मिल जाये इसी इत्तेफाक से…..
मिलता नहीं है हमजुबां चुपी है फैली चारसूं,
‘अजनबी से हो गए है अपनी ही आवाज से…..
मै जाऊँगा कहाँ ये तो बता दे मेरे सनम,
गर निकाल दिया तुने मुझे दिल की किताब से…..
एक पहेली सी हूँ मै हर शख्स के लिए,
बस तू ही वाकिफ है ऐ खुदा रौशनी के राज से….
..

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875 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

aman kumar के द्वारा
February 25, 2013

अपने हर लफ़्ज़ का ख़ुद आईना हो जाऊँगा उसको छोटा कह के मैं कैसे बड़ा हो जाऊँगा तुम गिराने में लगे थे तुम ने सोचा भी नहीं मैं गिरा तो मशाल बनकर खड़ा हो जाऊँगा मुझ को चलने दो अकेला है अभी मेरा सफ़र रास्ता रोका गया तो क़ाफ़िला हो जाऊँगा सारी दुनिया की नज़र में है मेरी अह्द-ए-वफ़ा इक तेरे कहने से क्या मैं बेवफ़ा हो जाऊँगा ? बहुत खूब मोहतरमा !

vinay sharma के द्वारा
July 18, 2012

मै जाऊँगा कहाँ ये तो बता दे मेरे सनम, गर निकाल दिया तुने मुझे दिल की किताब से…. क्या बात है दिल को छूने वाली जज्बात…. किताबो के पन्ने पलट कर हमने भी देखे हैं … आज तक गुलाबो की पंखुरिया जस की तस धरी हे,, …धन्यवाद ”””””

SAVI के द्वारा
June 29, 2012

रोशनी जी, “सब कुछ कह दिया मासूमियत से उसने” फिर राजदार खुदा को बना लिया” “कमाल है आपकी सादगी यह कविता है इसकी बानगी”

Mohinder Kumar के द्वारा
May 31, 2012

रोशनी जी, खूबसूरत अहसास भरी गजल..”.खुदा करे के ये इन्तजार सलामत हो और वो आये”

February 16, 2012

Pleasent Reading…..

    Misty के द्वारा
    July 12, 2016

    No funcionan algunos como nfs shift ni Rapidos y Furiosos…me rebota la ap³aicciÃln….Real Football lo pude instalar y Pes…. agradecería que alguien pudiera dar solución?

pushkar के द्वारा
February 6, 2012

इंतजार की हदे लम्बी हो सकती है लेकिन कभी न कभी ख़त्म जरुर होती है!अरे कम से कम दोस्तों को तो रौशनी की पहेली सुलझा दीजिये!:)युहीं कलम को चलाते रहिये और नई पहेलियाँ बुझाते रहिये इसी शुभकामना के साथ!

    roshni के द्वारा
    February 7, 2012

    पुष्कर जी धन्यवाद मगर कहते है की राज को राज ही रहने देना चहिये… इसलिए इस पहली को भी उन्सुल्झा ही रहें देत एही तारीफ के लिए आभार

    Ahmed के द्वारा
    January 12, 2014

    What lianibtreg knowledge. Give me liberty or give me death.

अलीन के द्वारा
February 5, 2012

एक पहेली सी है या सहेली सी है. ये तू जाने या खुदा जाने, मैं तो बस इतना जानू कि एक रोशनी है तू, जो अंधेरों से, कुछ कहेली सी है……और क्या लिखूं बहुत खूब रोशनी जी.

    roshni के द्वारा
    February 6, 2012

    अलीन जी, अच्छा शेर लिखा आपने .. खास कर अंत वाली पंक्ति आभार

Sumit के द्वारा
January 20, 2012
rudra के द्वारा
January 9, 2012

बहोत ही सुन्दर रचना. बधाई हमेशा ऐसा ही लिखती रहे.

    roshni के द्वारा
    January 10, 2012

    रूद्र जी प्रशंसा के लिए आभार

RAJEEV KUMAR JHA के द्वारा
January 6, 2012

उड़ने लगती हूँ बिना पंखो के मै यूँही, वो हवा सा जब भी गुजर जाता है पास से बहुत सुंदर पंक्तियाँ हैं रौशनी जी. नव वर्ष की शुभकामनाओं के साथ …….राजीव

    roshni के द्वारा
    January 10, 2012

    राजीव जी प्रशंसा के लिए आभार , और आपको भी नवर्ष की बधाई .. धन्यवाद सहित

Nikhil के द्वारा
January 6, 2012

बहूत खोब रोशनी जी. बहुत सुन्दर रचना.

    roshni के द्वारा
    January 10, 2012

    निखिल जी जी प्रशंसा के लिए आभार

Meenakshi Srivastava के द्वारा
January 5, 2012

रौशनी नव वर्ष मुबारक हो..बड़ी भावात्मक रचना की है सुन्दर लगी. मीनाक्षी श्रीवास्तव

    roshni के द्वारा
    January 10, 2012

    आपको भी नवर्ष की बधाई मिनाक्षी जी तारीफ के लिए आभार

Rahul Yadav के द्वारा
January 3, 2012

नमस्कार रोशनी जी, आप को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये| जिस तरह आप ने सुंदर भावो को कविता का रूप दिया है |क़ाबिलेतारीफ है वैसे कुछ बाते इतनी बेहतर होती है कि बस आँखे ठहर जाती है और वो सुंदर चीज़ का दीदार कर ले|.और आपकी कविता के साथ भी यही बात है| इतनी प्यारी कविता के लिए हार्दिक बधाई|

    roshni के द्वारा
    January 3, 2012

    नमस्कार राहुल जी आपको भी नववर्ष की हार्दिक शुभकानाए कविता की मुक्त प्रशंसा के लिए हार्दिक आभार …

shashibhushan1959 के द्वारा
January 1, 2012

आदरणीय रौशनी जी, सादर ! बहुत बहुत अच्छी काव्य रचना, भावों का सुन्दर समायोजन !

    roshni के द्वारा
    January 3, 2012

    शशि जी नमस्कार रचना को पसंद करने के लिए बहुत बहुत आभार

alkargupta1 के द्वारा
December 31, 2011

रोशनी जी , भावों से सुसज्जित शब्दों की दुशाला ओढ़े अति सुन्दर रचना , नव वर्ष की ढेरों मंगलकामनाएं !

    roshni के द्वारा
    January 3, 2012

    अलका जी धनयवाद

ashish jha के द्वारा
December 30, 2011

बहुत ही सुन्दर शब्धों से सजाई गई रचना के लिए आपको बधाई हो !

    roshni के द्वारा
    December 30, 2011

    आशीष झा जी रचना को पसंद करने के लिए आभार नववर्ष की बधाई हो

Poonam arya के द्वारा
December 30, 2011

बेहद भावपूर्ण रचना लिखे अपने सुन्दर रचना आपकी

    roshni के द्वारा
    December 30, 2011

    पूनम जी रचना को पसंद करने के लिए आभार नववर्ष की बधाई हो

div81 के द्वारा
December 30, 2011

रौशनी जी, नमस्कार हमेशा की तरह सुंदर भावो से सजी खुबसूरत रचना आप की | अपनी रचनाओ से ऐसे ही रौशनी फैलाते रहिये जेजे मंच में, नव वर्ष की मंगलकामनाएँ :)

    roshni के द्वारा
    December 30, 2011

    दिव जी नमस्कार रचना को पसंद करने के लिए आभार, और यही कोशिश रहेगी की और भी अच्छा लिखू आपको भी -नववर्ष की बधाई हो

dineshaastik के द्वारा
December 30, 2011

आपकr रचना के सम्मान में कुछ पंतियाँ- खुद में खुद को ढ़ूढ़ता, खुद को नहीं पाता। प्यास से लड़ने के लिये, सिन्दु तट जाता।। जितनी बुझाऊँ प्यास,उतनी ही अधिक बढ़े, इस  तरह  से  सारी  उम्र, प्यास  बढ़ाता। आयगा ये बिछड़ा हुआ,मैं देखता  गगन, अश्क आते आँख वो,वापस नहीं आता। कल्पना  के  पंख से, उड़ता हूँ  मैं गगन, सचमें वो रूह में मेरी,कुछ पल को समाता। मिलना  जरूर  है, बिछड़ो  से  एक  दिन, चाह से मिलते नहीं, वो  ही  है  मिलाता। खुद से ये गैर हो गये हम उसके प्यार में, मेरी समझ न आया वो क्यों प्यार बनाता। बन  गया  हूँ  मैं  पहेली,  खुद  के  लिये  ही, हूँ  ’दिनेश’  ओर  मैं,  खुद  को  ही  जलाता।

    roshni के द्वारा
    December 31, 2011

    दिनेश जी इतने सम्मान के लिए कैसे शुक्रिया करू धन्यवाद आपकी इतनी अच्छी कविता का … आप सब का ही स्नेह और प्रोत्साहन जी हमेशा कुछ अच्छा करने के लिए प्रेरित करता है .. एक फिर से बहुत बहुत शुकिर्य नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये

    Chris के द्वारा
    July 12, 2016

    There are definitely quite a lot of details like that to take into conioderatisn. That may be a nice point to deliver up. I provide the ideas above as basic inspiration but clearly there are questions like the one you carry up the place a very powerful factor will be working in honest good faith. I don?t know if best practices have emerged around issues like that, but I am positive that your job is clearly identified as a fair game. Both girls and boys feel the affect of only a second’s pleasure, for the rest of their lives.

December 30, 2011

रोशनी जी नमस्कार ! बहुत खूबसूरत रचना …..खासकर ये एहसास गजब का है: उड़ने लगती हूँ बिना पंखो के मै यूँही, वो हवा सा जब भी गुजर जाता है पास से….. आपको इस सुंदर कृति पर ढेरों बधाइयाँ !!

    roshni के द्वारा
    December 30, 2011

    डॉ सूर्या जी नमस्कार रचना को पसंद करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद .. प्रशंसा के लिए शुक्रिया नववर्ष की हार्दिक शुभकानाए

jlsingh के द्वारा
December 29, 2011

एक पहेली सी हूँ मै हर शख्स के लिए, बस तू ही वाकिफ है ऐ खुदा रौशनी के राज से…… राशनी जी, बधाई! बहुत ही सुन्दर भावपूर्ण कविता के लिए! शाही जी, की प्रतिक्रिया सम्पूर्ण करती है आपके भाव और अर्थ को! एक बार पुन: अभिनन्दन और बधाई!

    roshni के द्वारा
    December 30, 2011

    सिंह जी कविता की तारीफ के लिए बहुत बहुत आभार .. इसी तरह प्रोत्सहन करते रहिये … नववर्ष की हार्दिक शुभकानाए

raj के द्वारा
December 29, 2011

बहुत अच्छा अच्छा आपने दिया आगे आने वाले साल की शुभकामनायें तथा aur अच्छा पढने की तम्मना भी cheers http://www.jrajeev.jagranjunction.com

    roshni के द्वारा
    December 30, 2011

    राज जी धन्यवाद प्रशंसा के लिए.. आप को भी नववर्ष की शुभकानाए …. आभार

Amita Srivastava के द्वारा
December 29, 2011

रौशनी जी गहरे भाव ,सुंदर कविता नये साल मे सारी खुशिया आपको मिले यही दुआ करती हूँ ,खुदा से आज मै ||

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    अमिता जी नमस्कार धन्यवाद रचना को पसंद करने के लिए और आपकी इतनी सारी दुआओं के लिए भी .. आपको भी नए साल की हार्दिक शुभकामनाये

Tufail A. Siddequi के द्वारा
December 29, 2011

रौशनी जी अभिवादन, एक और सुन्दर और भावपूर्ण रचना के लिए आपको बधाई. नए साल की आपको और आपके परिवार को बहुत-२ मुबारकबाद. http://siddequi.jagranjunction.com

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    तुफैल जी नमस्कार आपके प्रोत्सहन और तारीफ के लिए शुक्रिया नया साल आपको भी बहुत बहुत मुबारक हो आभार सहित

manoranjanthakur के द्वारा
December 29, 2011

phir से सुंदर रचना बधाई

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    मनोरंजन जी नमस्कार रचना की प्रशंसा के लिए शुक्रिया आभार

sonam के द्वारा
December 29, 2011

Very Good Poem.Dil kaaphi udash tha jab likhi thi tumne ue kavita……….बहूत अचछी है

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    सोनम जी dhanywad तारीफ के लिए .. वैसे उदास तो नहीं थी मगर ख्यालों में जरुर गुम थी … एक बार फिर से शुक्रिया

rahulpriyadarshi के द्वारा
December 29, 2011

बहुत सुन्दर,गहन विचार.पढने में सुखद लगा.

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    राहुल ही रचना को पसंद करने के लिए धन्यवाद आभार

Deepa के द्वारा
December 29, 2011

रौशनी जी उड़ने लगती हूँ बिना पंखो के मै यूँही, वो हवा सा जब भी गुजर जाता है पास से….. सुंदर कविता सुंदर भावों के साथ युही लिखती रहिये

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    धन्यवाद दीपा जी … आभार

Tamanna के द्वारा
December 29, 2011

रौशनी जी,बहुत बढ़िया रचना … एक पहेली सी हूँ मै हर शख्स के लिए, बस तू ही वाकिफ है ऐ खुदा रौशनी के राज से……

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    तमन्ना जी रचना को समय देने के लिए और पसंद करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आभार

akraktale के द्वारा
December 28, 2011

रौशनी जी नमस्कार, देखो जरा गगन की ओर टूटने लगे तारे, हाथ किसी ने बढ़ाया होगा पूरे विश्वास से….. सुन्दर भाव लिए रोशन रचना. बधाई.

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    Akraktale जी नमस्कार रचना की प्रशंसा के लिए आभार ..

mparveen के द्वारा
December 28, 2011

रौशनी जी खूबसूरत भावों से सजी कविता के लिए बधाई !!! आने वाला नया साल आपके जीवन में और भी रौशनी लेके आये !!! नया साल मुबारक हो आपको और आपके परिवार को !!!!

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    परवीन जी नमस्कार कविता को पसंद करने के लिए धनयवाद नया साल आपको भी बहुत मुबारक हो … आपकी wishes के लिए बहुत बहुत आभार

naturecure के द्वारा
December 28, 2011

रोशनी जी, सुन्दर भावयुक्त रचना हेतु बधाई ………….नव वर्ष की अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें |

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    धनयवाद डॉ साहिब जी .. आपको भी नववर्ष की ढेरों शुभकामनये

    Melissa के द्वारा
    July 12, 2016

    yo2#u8&17;re always great about addressing safety issues; it’s the only way it can truly be SSC or RACK. warning not to slap or engage in any BDSM play when anger is something that should be stated far more often. thanks!

आर.एन. शाही के द्वारा
December 28, 2011

रौशनी के राज़ रौशनी ही खोल पाती है रौशनी जी ! अंधेरों में वह क़ुव्वत कहां, कि रौशनी के राज़ तक पहुंच बना पाएं । और जहां रौशनी होगी, वहां कोई राज़ ही कहां रहेगा ? सब कुछ तो रौशन ही रहेगा, खुली किताब की तरह … आपकी नायाब कविताओं की तरह ! हम तो बस यही गुनगुनाएंगे, ‘रौशन तुम्हीं से दुनिया, रौनक़ तुम्हीं जहां की … फ़ूलों में पलने वाली, रानी हो गुलिश्तां की … सलामत रहो … सलामत रहो … !!’ अपनी बेहद खास पहचान वाली बेहतरीन कल्पनाशीलता और भावप्रवणता का एक और तोहफ़ा दोस्तों के बीच अता फ़रमाने के लिये आपका हार्दिक आभार । आपने हमेशा साबित किया है कि यदि भावनाओं में दम हो, तो शब्दजाल, भाषा और शैली उसके सामने पानी भरते से लगते हैं । बधाई !!

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    शाही जी नमस्कार नए की हार्दिक शुभकामनये आपने तो रौशनी को define ही कर दिया .. इतनी ज्यदा तारीफ के लिए आभार .. आप जब भी प्रतिक्रिया देते है बहुत खुले दिल से देते है … विस्तार से … प्रतिक्रिया गीत और प्रोत्सहन लिए बहुत बहुत शुक्रिया आभार सहित

sadhanathakur के द्वारा
December 28, 2011

रौशनी जी ,बहुत खूब ,,बहुत अच्छे भाव ……बधाई हो …………..

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    साधना जी तारीफ के लिए बहुत बहुत शुक्रिया

allrounder के द्वारा
December 28, 2011

नमस्कार रौशनी जी, सागर सी गहराई लिए एक – एक पंक्ति लिखी है आपने ! बारम्बार पढने को मन करता है ऐसे ही सुन्दर सुन्दर रचनाओ का सृजन आप नए वर्ष मैं भी करती रहें इसके लिए आपको हार्दिक शुभकामनाये !

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    सचिन जी नमस्कार रचना को पसंद करने के लिए और नए साल की शुभकामनाओ के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आपको भी नए साल की हार्दिक शुभकामनाये

    roshni के द्वारा
    December 29, 2011

    सचिन जी नमस्कार हमेशा की तरह प्रशंसा के लिए और आपकी दुआओ के लिए हार्दिक आभार नव वर्ष आप के लिए भी मगल्मय हो आभार

    allrounder के द्वारा
    December 30, 2011

    आपको भी नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये रौशनी जी !

    roshni के द्वारा
    December 30, 2011

    धन्यवाद सचिन जी

    Cyelii के द्वारा
    July 12, 2016

    Thanks for  making my afternoon!  This was a la-huuogt-loud fun read, and I read it freely, of my own free will.  Oh and the free will allowed me to laugh as much as I wanted to as well.  Good ol’ free will.  Can’t beat it.


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