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इश्क का सिकंदर- Valentine Contest

Posted On: 3 Feb, 2011 में

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जहाँ देखती हैं नज़रे वहां तेरा ही मंजर है,

तू खुदा है मेरा ये दिल तेरा ही मंदिर है….

मेरी आँखों में तैरते हुए अश्कों को समझ ले,

ये गम के अश्क नहीं तेरे प्यार का उमडता समंदर है…

सुंदर मै नहीं बल्कि तेरी आँखों की इनायत है ये,

मोहब्बत जिस को भी होती है हर वोह शख्स सुंदर है…

तुझे में ढूँढता रहता हूँ ख्यालों के गुलशन मैं,

जो पलके बंद करूँ तो तू मिल जाता मेरे ही अंदर है…

अमीर वो नहीं जो दौलतों से माला माल है,

जो माला माल है इश्क से वह ही सिकंदर है…

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1542 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sikandar khan के द्वारा
April 2, 2011

रौशनी जी बेहद खूबसूरती के साथ लिखा है तहेदिल से शुक्रिया

vishnu के द्वारा
February 19, 2011

I am fond of your poem, sayaries, thoughts on love.

    Kairii के द्वारा
    July 12, 2016

    What a plusreae to meet someone who thinks so clearly

Nish aik bevkoof के द्वारा
February 11, 2011

रौशनी जी, सच कहू तो थोड़ी छोटी लगी रचना..और पड़ने का मन था.. पर जो भी लिखा बहुत अच्छा लिखा ,,बधाई !! Nish… http://thereality.jagranjunction.com/

    roshni के द्वारा
    February 16, 2011

    निश जी शुक्रिया ……… जी हाँ है तो छोटी सी मगर पुरे मन से लिखी है और जितने भाव ए उतना ही लिख पाई

वाहिद काशीवासी के द्वारा
February 8, 2011

तुझे में ढूँढता रहता हूँ ख्यालों के गुलशन मैं, जो पलके बंद करूँ तो तू मिल जाता मेरे ही अंदर है… रुमानियत के साथ-साथ आपने रूहानियत का भी अहसास करवा दिया|आपके शब्दों का चयन बहुत ही अच्छा है|शुक्रिया इस खूबसूरत कृति के लिए|

    वाहिद काशीवासी के द्वारा
    February 8, 2011

    और हां चंद पंक्तियाँ मेरी ओर से भी आपकी सराहना में – मैं नहीं तू है, तू नहीं मैं हूँ, अब कुछ ऐसा गुमान है प्यारे, इश्क की दास्तान है प्यारे;

    roshni के द्वारा
    February 8, 2011

    वाहिद जी .. प्यार शुरू तो इंसानी होता है लेकिन कही न कही जाकर ये उस रब की बंदगी से भी जुड़ जाता है …. और प्यार है भी तो यही खुद को जानना और उसका मानना……… धन्यवाद

    roshni के द्वारा
    February 8, 2011

    सराहना के लिए जो पंक्तियाँ लिखी उसके लिए बहुत बहुत शुक्रिया बहुत अच्छी ग़ज़ल है ये

    Rusty के द्वारा
    July 12, 2016

    I’m sure Fjordman or many others could do or have done a better job of defining mulcitulturalism than me, but I’ll give it try. In practice it means that all cultures are equal except for Western Civilization, which is something to be ashamed of. The cultures of the historically poor and oppressed of non-European origin are to be given protected or privileged status in the nations of the West and the people from those cultures are not expected to assimilate.

bhaijikahin by ARVIND PAREEK के द्वारा
February 8, 2011

सुश्री रोशनी जी, जिस रचना पर 56 प्रतिक्रियाएं मिल चुकी हैं उसकी तारीफ क्‍या अल्‍फाज लिखुँ समझ नहीं पा रहा हूँ। इसलिए आपकी रचना की ही पंक्तियां:-  कविता वो नहीं जो शब्‍दों से माला माल है,                                                      जो माला माल है भावों से वह ही सिकंदर है… सुंदर रचना के लिए बधाई। अरविन्‍द पारीक

    roshni के द्वारा
    February 8, 2011

    अरविन्द जी , आपकी और से लिखा हर शब्द मेरे लिए नयी प्रतिक्रिया ही है …… आपको कविता अच्छी लगी ये जानकर बहुत ही अच्छा लगा ….. धन्यवाद

Shailesh Kumar Pandey के द्वारा
February 7, 2011

रोशनी जी सुन्दर रचना बधाई

    roshni के द्वारा
    February 7, 2011

    शलेश जी आपको रचना अच्छी लगी धन्यवाद

Deepak Sahu के द्वारा
February 7, 2011

रोशनी जी! बहुत ही सुंदर रचना प्रस्तुत की है आपने! बधाई! कॉन्टेस्ट के लिए मेरी शुभकामनाएं! दीपक

    roshni के द्वारा
    February 7, 2011

    दीपक साहू जी धन्यवाद

    Kayli के द्वारा
    July 12, 2016

    Wow, wonderful blog layout! How long have you been blogging for? you made blogging look easy. The overall look of your site is fastintac, let alone 43e0the content!

chaatak के द्वारा
February 6, 2011

क्या बात है! ‘Beauty lies in the eyes of the spectator.’ Nicely composed. congrats!!!

    roshni के द्वारा
    February 7, 2011

    चातक जी thanks for ur views and comment …..

nishamittal के द्वारा
February 6, 2011

रौशनी केवल इश्क नहीं सच्चे प्यार से मालामाल है वही सिकंदर है.सुंदर रचना

    roshni के द्वारा
    February 7, 2011

    निशा जी , धन्यवाद

    Zack के द्वारा
    January 13, 2014

    Ppl like you get all the brsnia. I just get to say thanks for he answer.

abodhbaalak के द्वारा
February 6, 2011

सुंदर मै नहीं बल्कि तेरी आँखों की इनायत है ये, मोहब्बत जिस को भी होती है हर वोह शख्स सुंदर है… क्या बात है रौशनी जी, मोहब्बत और सुन्दरता का एक अलग ही समागम….. खूबसूरत ग़ज़ल, कंटेस्ट के लिए मेरी शुभकामनाएं http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    roshni के द्वारा
    February 6, 2011

    अबोध जी कविता पसंद करने के लिए धन्यवाद

Alka Gupta के द्वारा
February 5, 2011

रोशनी जी , बहुत ही खूबसूरत रचना है ! बहुत हे सुन्दरता के साथ प्रस्तुत की है आपने ये रचना ! कॉन्टेस्ट के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं !

    roshni के द्वारा
    February 6, 2011

    अलका जी बहुत बहुत धन्यवाद …….

Nikhil के द्वारा
February 5, 2011

Speechlessh! bahut khoobsoorat rachna raushani ji.

    roshni के द्वारा
    February 6, 2011

    Nikhli ji thanks a lot ……………

    Caiden के द्वारा
    July 12, 2016

    Dude, right on there brrtoeh.

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
February 5, 2011

अमीर वो नहीं जो दौलतों से माला माल है, जो माला माल है इश्क से वह ही सिकंदर है… सुंदर रचना ……… प्रेम पर इस खूबसूरत प्रस्तुति के लिए बधाई……. ओर इस कॉन्टेस्ट के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ ….

    roshni के द्वारा
    February 6, 2011

    पियूष जी आपको रचना अच्छी लगी धन्यवाद और शुभकामनाओ के लिए भी बहुत बहुत धन्यवाद

Syeds के द्वारा
February 5, 2011

रौशनी जी, बेहद खूबसूरत रचना… आप बहुत अच्छा लिखती हैं… http://syeds.jagranjunction.com

    roshni के द्वारा
    February 6, 2011

    Syeds जी धन्यवाद ……. ऐसे ही प्रोत्साहित करते रहिएगा

Bhagwan Babu के द्वारा
February 5, 2011

रोशनी जी बहुत अच्छा शमा बान्धा है आपने इश्क का http://bhagwanbabu.jagranjunction.com/2011/02/03/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%ae-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%9c/#comment-1030

    roshni के द्वारा
    February 6, 2011

    भगवान बाबु जी धन्यवाद

priyasingh के द्वारा
February 4, 2011

जो मालामाल है इश्क से वो ही सिकंदर है ……………. बहुत ही अच्छी रचना…………..सुन्दर प्रस्तुति……..

    roshni के द्वारा
    February 6, 2011

    प्रिया जी बहुत बहुत शुक्रिया और धन्यवाद

rajeevdubey के द्वारा
February 4, 2011

आपकी रचना – यह तो इश्क का समंदर है – शुभकामनाएं

    roshni के द्वारा
    February 4, 2011

    राजीव दुबे जी बहुत बहुत धन्यवाद

    Lavigne के द्वारा
    July 12, 2016

    What if Graven image requests people in order to satisfy just a few completely wrong men and women before getting to engagement a good choice, make certain that whenever we coisnuclvely fulfill the man, we are going to discover how to always be head over heels.

deepak pandey के द्वारा
February 4, 2011

मोहब्बत जिस को भी होती है हर वोह शख्स सुंदर है  …अच्छी पंक्तिया रौशनी जी.

    roshni के द्वारा
    February 4, 2011

    दीपक जी धन्यवाद

    Eve के द्वारा
    July 12, 2016

    7 italiani su 10 hanno fiducia nell’operato del Governo : il sondaggio Euromedia Rear3sch&#82e0;La fiducia nel presidente del Consiglio ha raggiunto il livello record del 70%. In crescita anche l’esecutivo. E’ Giulio Tremonti il ministro più amato dagli italiani, bene anche Mariastella Gelmini. Il Pdl sfiora il 43%, la Lega oltre il 9. Il Pd…

valentinedaycontestwinner के द्वारा
February 4, 2011

बहुत अच्छी कविता है.  सिकंदर तो सभी हैं, यह आपकी आँखों का मंज़र है चाहते हैं आप जिसे आपके लिए वाही सिकंदर है बाकि सभी तो इस भूलभुलैया के बन्दर हैं

    roshni के द्वारा
    February 4, 2011

    winner ji , तारीफ के लिए शुक्रिया और नयी जुगलबंदी के लिए तो क्या कहे ……. शब्द नहीं है

anju के द्वारा
February 4, 2011

रोशनी जी बहुत ही खूबसूरती से आप ने आपने प्यार को इस कविता के दवारा अबिव्यक्त किया है की सुंदर मै नहींबल्कि तेरी आँखों की इनायात है

    roshni के द्वारा
    February 4, 2011

    अंजू जी आपको ये कविता अच्छी लगी धन्यवाद ……….

Aakash Tiwaari के द्वारा
February 4, 2011

रौशनी जी, बहुत ही खूबसूरती से आपने प्यार को अपनी कविता के माध्यम से साबित किया है..मै भी आपकी ही तरह प्यार की खूबसूरती को अपनी कविता के माध्यम से पेश करना चाहता हूँ मगर अफ़सोस असफल ही होता हूँ..दो शब्द अपने ही अंदाज में जो की मैंने राजकमल जी को भेजे थे आपको भी भेज रहा हूँ…. ******************************************************** “तन्हा कितना रोता हूँ इसका मुझे अंदाजा नहीं. आज भी तेरा दिल तोड़ने का मेरा इरादा नहीं”.. ********************************************************* http://aakashtiwaary.jagranjunction.com आकाश तिवारी

    roshni के द्वारा
    February 4, 2011

    आकाश जी आप प्यार के इस रूप को भी लिख सकते हो बस जरा दुःख को भुला कर उन दिनों को याद करो जब आप अपने आप को सबसे खुश और प्यार से भरपूर इंसान मानते थे ……….. बस जब सोचोगे तब लिख भी लेगे …….. मेरे ख्याल से प्यार के गम तो अपनी जगह होते ही है लेकिन उसकी अच्छी याद गम से भी ज्यदा अच्छी होती है …… आभार सहित

vinita shukla के द्वारा
February 4, 2011

बड़ी खूबसूरत बात कही आपने रोशनी जी – सुन्दर मैं नहीं बल्कि तेरी आँखों की इनायत है ये मोहब्बत जिस को भी होती है हर वो शख्स सुन्दर है अभिव्यक्ति का अच्छा प्रयास . बधाई.

    roshni के द्वारा
    February 4, 2011

    विनीता जी मेरा छोटा सा प्रयास आपको अच्छा लगा, जानकर ख़ुशी हुई …… बहुत बहुत धन्यवाद

Preeti Mishra के द्वारा
February 4, 2011

अमीर वो नहीं जो दौलतों से माला माल है, जो माला माल है इश्क से वह ही सिकंदर है… बहुत अच्छी कविता रोश्नीजी.बधाई.

    roshni के द्वारा
    February 4, 2011

    प्रीती जी , प्रशंसा और प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत शुक्रिया

R K KHURANA के द्वारा
February 3, 2011

प्रिय रौशनी जी, सुंदर मै नहीं बल्कि तेरी आँखों की इनायत है ये, मोहब्बत जिस को भी होती है हर वोह शख्स सुंदर है… एक और सुंदर रचना के लिए बधाई ! खुराना

    roshni के द्वारा
    February 4, 2011

    खुराना जी नमस्ते आपको कविता अच्छी लगी धन्यवाद

rajubhai के द्वारा
February 3, 2011

जहाँ देखती हैं नज़रे वहां तेरा ही मंजर है, तू खुदा है मेरा ये दिल तेरा ही मंदिर है…. कभी उतर के तो देख मेरे दिल में, ये तो प्यार का समंदर है…….

    roshni के द्वारा
    February 4, 2011

    राजू भाई जी लाइन की जुगलबंदी अच्छी लगी धन्व्यद

shifali के द्वारा
February 3, 2011

रौशनी जी बहुत ही आछी कविता

    roshni के द्वारा
    February 4, 2011

    धन्यवाद shifali जी

Amit Dehati के द्वारा
February 3, 2011

हाँ हाँ हा हा हा हा हा सुमित जी ………… क्या खूब अंदाजा लगाया /////// आपने सही फरमाया| बहुत ही सुन्दर ग़ज़ल आपने प्रस्तुत किया ….रौशनी जी वाकई काबिले तारीफ ..!. बहुत अच्छे शब्दों से लिख कर उत्क्रिस्ट किया … कांटेस्ट के लिए शुभकामना http://amitdehati.jagranjunction.com

    roshni के द्वारा
    February 3, 2011

    अमित जी, आप भी सुमित जी के साथ मिल कर अनुमान लगाने लगे … मेरे से ही पूछ लिया होता ……की किसने लिखी है ? चलिए आप अंदाजा लगाते रहिये ……….. ग़ज़ल पसंद आयी ये जानकर अच्छा लगा … तारीफ के लिए शुक्रिया

    Amit Dehati के द्वारा
    February 3, 2011

    रोशनी जी गुस्ताखी माफ़ !!!!! फन्नी कमेन्ट था हंसी आ गई …..और रोक नहीं पाया !

    roshni के द्वारा
    February 4, 2011

    amit ji , कमेन्ट तो funny ही था वैसे क्यों की उसे पढ़ कर हम भी हँस दिए ……. और आप तो वैसे भी हास्य व्यंग लिखते हो फिर आप कैसे न हँसते…….. चलिए हसना अच्छी बात है ……… :-)

SUMIT PRATAP SINGH के द्वारा
February 3, 2011

रौशनी जी कविता पढ़कर लगता है की जैसे आपके बॉय फ्रेंड ने आपके लिए लिखी हो. वैसे अच्छी रचना है… http://www.sumitketadke-1.blogspot.com

    roshni के द्वारा
    February 3, 2011

    सुमित जी , वैसे आपको ऐसा क्यों लगा ??? लेकिन चलिए आपको पसंद तो आई ……. वैसे ये आप अपनी गर्लफ्रेंड को भी dedicate कर सकते है ….. धन्यवाद

    Victory के द्वारा
    July 12, 2016

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div81 के द्वारा
February 3, 2011

क्या क्यामत है शब-ऐ-वस्ल खामोशी उसकी, जिसकी तस्वीर को भी नाज है गोयाई* का।……….गोयाई = बोलने का ये शेर आप के लिए है रौशनी जी. शानदार गजल कही आपने प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं

    roshni के द्वारा
    February 3, 2011

    दिव जी मेरे लिए इतना बढ़िया शेर कहा मै क्या कहू की मुझे कितना अच्छा लगा …….. सुंदर अल्फाज में तारीफ के लिए दिल से शुक्रिया

Harish Bhatt के द्वारा
February 3, 2011

रोशनी जी नमस्ते, सुंदर मै नहीं बल्कि तेरी आँखों की इनायत है ये, मोहब्बत जिस को भी होती है हर वोह शख्स सुंदर है… बहुत अच्छी रचना. हार्दिक बधाई.

    roshni के द्वारा
    February 3, 2011

    हरीश जी नमस्कार जो इंसान भी प्यार करता है उसमे बहुत बदलाव आते है यु कहिये की अपने आप ही सुंदर हो जाता है …….. और जो मन से सुंदर है वही तो सबसे सुंदर है ………. धन्यवाद

HIMANSHU BHATT के द्वारा
February 3, 2011

जो माला माल है इश्क से वह ही सिकंदर है……. बेहद खूबसूरत पंक्तियाँ रौशनी जी….. बहुत अच्छी रचना…. शुभकामनायें

    roshni के द्वारा
    February 3, 2011

    हिमांशु जी आपको रचना अच्छी लगी धन्यवाद …….

allrounder के द्वारा
February 3, 2011

रौशनी जी नमस्कार एक – एक लफ्ज ऐसा लगता है प्यार की सच्चाई बयां कर रहा हो ! फिर से बेहतरीन rachna पर बधाई और प्रतियोगिता के लिए हार्दिक शुभकामनायें!

    roshni के द्वारा
    February 3, 2011

    सचिन जी, धन्यवाद अपने कविता का मूल समझा ……… और आपकी शुभकामनायें के लिए बहुत धन्यवाद


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