lets free ur mind birds

Just for Soul

53 Posts

37858 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 591 postid : 402

एक दीया-जीवन की शाम के लिए

Posted On: 9 Dec, 2010 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

प्यार के कई रंग कई रूप होते है! प्यार शब्द खुद में ही बड़ा प्यार है .. लोग कहते है की जिन्दगी मे एक न एक बार सब प्यार करते है मगर सच जानिए प्यार एक बार नहीं होता वह तो हमेशा के लिए होता है … वो आपकी जिन्दगी में आपको दुःख नहीं बल्कि आपको अपने होने का एहसास करवाने आत्ता है … यु तो दुनिया में सब लोग आते है जाते है मगर प्यार आपको खास बना देता है .. किसी की यादों में किसी की दुओं में ……. बहुत से लोगों को प्यार में देखा है, मगर एक दृश्य जो की प्यार का एक बहुत ही खुबसूरत रंग है , वोह रंग मेरी आँखों में दिल में कही गहरा बस गया है … शायद उससे ज्यदा सुन्दर और सफल प्यार की मिसाल कुछ भी नहीं हो सकती … मैंने ये उन उम्र के लोगों में देखा जहाँ आज हम सब युवा वहां तक जाना ही नहीं चाहते …. बात कुछ दिन पहले की है सड़क पर रेड लाइट हो रखी थी तो हम अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन ये क्या की दुसरे लोग भी वही खड़े रह गए क्युकी  42-15425458एक बुजुर्ग दम्पति सफ़ेद बाल , दुबले पतले से मगर चमकते हुए चहेरे वाले सड़क के बीचो बीच एक दुसरे का हाथ थामे हुए चल रहे थे और एक हाथ से सबको रुकने का इशारा करके आराम से अपनी हमसफ़र को सड़क पार करवा रहे थे … कितना सुंदर दृश्य था दोनों मंद मंद मुस्कुरा रहे थे ……. जैसे सब जीत लिया हो ……. अब आप सब सोचेगे की इसमें क्या नया है .. नया चाहे कुछ नहीं मगर एक नयी नज़र से देखेगे तो पायेगे की हम सारा जीवन किस भागदौड में बिता देते है क्या अकेलेपन के लिए नहीं …….जब जवानी के दिन खतम होते है तो फिर हमे एक सचे साथ की जरूरत होती है … और सबके जीवन में उम्र की ये शाम तो आती ही है !
सच है उम्र की शाम में जब कोई साथ हो और वोह भी इतना प्यार और ख्याल रखने वाला तो शायद जिन्दगी से हर शिकायत ख़तम हो जाये .. मै जब भी कभी सफ़र में या कही और इन बुजुर्ग जीवन साथियों को देखती हूँ बहुत सुखद अहेसास होता है …. उनमे कमाल का सामजंस्य और तालमेल दिखाई देता है .. प्यार का ये रूप सबसे ज्यदा सुंदर है .. प्यार का ये सहारा ही शयद सबकी तलाश है _प्यार के ये सुनहरे पल ही सारे जीवन की अनमोल पूंजी है .. इस मोड़ पर बिना किसी चिंता के फिक्र के अपने लिए जिया जाता है… सारी उम्र तो युही निकल जाती है …
मगर ये प्यार युही नहीं आता इसके लिए समर्पण और त्याग की भावना भी जरुरी है .. मगर आज हम सब अपने जीवन साथी के साथ किस तरह का व्यवहार करते है ये बताने की शायद जरुरत नहीं ……
अगर आप को भी ऐसे ही प्यार की तलाश है जीवन में तो देखिये वो आप के साथ ही है -आपके पास-बस उसे पहचान कर इतना प्यार दे इतना ख्याल रखे की हर कोई आप जैसी किस्मत पाना चाहे! आखिर जीवन दो इंसानों के बीच के प्यार पे ही तो टिका है , और प्यार से ही उम्मीद है विश्वास है दुनिया से लड़ने की हिम्मत और सारी उम्र भर की कमाई ……. जीवन की शाम बहुत दूर नहीं होती पता भी न चलेगा कब आ गयी , जिन्दगी की इस शाम को रोशन करने के लिए एक टिमटिमाता दीया तो होना ही चहिये न ….. और वह दीया है आपका जीवनसाथी ….

| NEXT

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (4 votes, average: 4.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

34 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

jayprakashjalauni के द्वारा
February 9, 2011

काफी बेहतर…शब्दों की धार को और पैना कीजिये…प्रयास सराहनीय है…प्रशंसनीय बनना शेष है। 

    Matee के द्वारा
    July 12, 2016

    Hello There. I found your blog using msn. This is an extremely well written article. I will make sure to bookmark it and return to read more of your useful info. Thanks for the post. IÃâ¢l¬â„¢‚l certainly return.

Amit Dehati के द्वारा
December 14, 2010

रौशनी जी वाकई क्या हकीकत बयां किया है आपने ! काश के ऊपर वाला आपकी तरह सोच सबको दें . अच्छी लेख के लिए बहुत-बहुत बधाई ! http//amitdehati.jagranjunction.com

    roshni के द्वारा
    December 16, 2010

    अमित जी प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया . बस सबकी सोच बदल जाये तो सब अच्छा हो जाये ….

Rohit के द्वारा
December 13, 2010

सोचने पर मजबूर करता हुआ लेख… कुछ नया सिखाता  हुआ लेख… गुत्थी को बहुत हद तक सुलझाता हुआ लेख.. बधाई

    roshni के द्वारा
    December 13, 2010

    रोहित जी बस इसी तरह सब सोचे और विचार करे तो बहुत सी समस्याए हल हो जाये आपके विचारों के लिए धन्यवाद

    Kalie के द्वारा
    July 12, 2016

    Hey! Sorry I hae2#&n8v17;t posted a comment in a while… I have been REALLY busy. And guess what?? I started a blog! Except, its like a story. And Aimee that’s AWESOME!

आर.एन. शाही के द्वारा
December 13, 2010

रोशनी जी, शायद यही वो ‘डिवाइन लव’ है, जिसकी तलाश में दुनिया पागलों की तरह भटकती है । बधाई । आलेख में कोई कमी नहीं है, जिसका मीन-मेख निकाला जाय । बेहतरीन प्रस्तुति ।

    roshni के द्वारा
    December 13, 2010

    शाही जी , प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया

anju के द्वारा
December 12, 2010

बहुत अच्छा लिखा अपने …….. आशा है आगे भी ऐसी ही अच्छे article पड़ने को मिलते रहेगे

    roshni के द्वारा
    December 13, 2010

    अंजू जी धन्यवाद

    Kayo के द्वारा
    July 12, 2016

    it just sums up the type of qb he is. ca18;&2n7#t make a read to save his life. its first option and then dump off if its not there or force it, never looking downfield at other options. damn i hate eli, but he’s throwing darts right now that alex only dreams of

abodhbaalak के द्वारा
December 11, 2010

Roshni ji pyar par aapne, badi pyari rachna, bade pyar se, apne manch ke sathyon ke liye parosi hai, kisi ko na pasand aaye aisa ho hi nahi sakta. sundar rachna ke liye bandhaaai

    roshni के द्वारा
    December 11, 2010

    अबोध जी , जागरण के साथियों के लिए जीवन के इस सुन्दर रंग को बयाँ करने की कोशिश की .. और आप सब को ये रंग पसंद आया तो लिखना सार्थक रहा … आपका बहुत बहुत धन्यवाद

rita singh 'sarjana' के द्वारा
December 10, 2010

रौशनी जी , एक प्यार ही तो हैं जो इंसान को बांधे रखता हैं l और यह प्यार जीवन साथी से मिलता रहे तो जीवन खुशियों से भर जाता हैं l बहुत ही बेहतरीन और उम्दा लेख लिखने के लिए आपको बधाई l

    roshni के द्वारा
    December 11, 2010

    रीता जी प्रशंसा और प्रतिक्रिया के लिए दिल से धन्यवाद …….

    Tawny के द्वारा
    July 12, 2016

    (Paperback) The latest edition of THE NEROCMEW’S HANDBOOK FOR MOVING TO AND LIVING IN SEATTLE is a book intended for people moving to the area, but even people who are not going there may enjoy it. It describes in full the best and worst neighborhoods, schools, shopping, dining, and fitness opportunities in the cities of Seattle and Tacoma, as well as their surrounding suburbs. This book is more up to date than the last edition, so it’s worth checking out and getting rid of your old edition.

R K KHURANA के द्वारा
December 10, 2010

प्रिय रौशनी जी, प्यार पर तो कवियों और लेखको ने बहुत कुछ लिखा है ! अप्किया यह सुंदर लेख भी उसी की कड़ी है !एक एहसास है यह प्यार और क्या कहा जाय ! आपके लेख ने बहुत कुछ कह दिया ! परन्तु एक शेयर यह भी : प्यार के नाम से डर लगता है इस के पैगाम से डर लगता है ! जिसका आगाज चोरी चोरी हो उसके अंजाम से डर लगता है ! होर की हाल चाल ने तुहाडे ! राम कृष्ण खुराना

    roshni के द्वारा
    December 10, 2010

    खुराना जी नमस्ते आपके विचार जानकर अच्छा लगा और आपका शेर तो बहतु कमाल का है …………. मेरे हाल चाल वधीया ने हाँ तुसी बहुत दिना बाद दिखाई दिते……… तुहाडे कीमती विचारा लायी धन्वाद

    Bonner के द्वारा
    July 12, 2016

    Evnidetemente também se saberão- e ainda melhor- através da análise dos movimentos do cartão.E como os titulares não eram propriamente entidades privadas embora achassem que sim, será possível ao MºPº, se houver inquérito, pedir extracto bancário do movimento de tais cartões. E aí é que seria o bom e o bonito…

atharvavedamanoj के द्वारा
December 10, 2010

किसी फिल्म का एक गाना है…..जब हम जवां होंगे …बहुत अच्छा लगता है| मनोज कुमार ने भी एक गीत फिल्माया है…कोई जब तुम्हारा ह्रदय तोड़ दे| कहने का आशय यह है की जिंदगी जिन्दादिली का नाम है…मुर्दादिल क्या खाक जिया करते हैं…आप इसको प्रेम कह सकती हैं| मुझे अच्छा लगा….बाकि का मैं नहीं जानता…वन्देमातरम

    roshni के द्वारा
    December 10, 2010

    मनोज जी धन्यवाद आपको ये रचना अच्छी लगी ….जिन्दगी जिन्दादिली ही का नाम है … दो दिन है जिन्दगी के अगर हस कर गुज़र दिए जाये तो ज्यदा अच्छा है ……… आपकी प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया

allrounder के द्वारा
December 10, 2010

रोशनी जी, बहुत ही उत्तम लेख ! वैसे ऐसा नहीं कह सकते की जवान प्यार की कीमत नहीं समझते, ये अपने साथी का ख्याल नहीं रखते, मगर जवानी एक ऐसा तूफ़ान है, जिसमे इन्सान के पास इतनी फुर्सत नहीं होती प्यार के इन अनूठे पलों को सहेजने की ! मगर गुजरते वक्त के साथ उसे इसकी अहमियत का खुद बा खुद एहसास होने लगता है, और उस वक्त बह अपने जीवन साथी को ही अपने सबसे करीब पाता है ! एक अच्छे लेख पर बधाई !

    roshni के द्वारा
    December 10, 2010

    सचिन जी , धन्यवाद आपके विचारों से मै सहमत हूँ सही कहा अपने

nishamittal के द्वारा
December 10, 2010

रोशनी जी,बहुत भावप्रवण लेख आपका सच में मनुष्य आजीवन धनोपार्जन,परिवार की व्यवस्था,बच्चों की चिंता और न जाने क्या….व्यस्त रहता है.ये अवस्था ऐसी है जो एक दूजे के लिए भरपूर जिया जा सकता है.

    roshni के द्वारा
    December 10, 2010

    निशा जी , आपके विचार जानकर अच्छा लगा , यु तो मै अनुभवी नहीं हु मगर जो देखा है उसके आधार पर लिखने की कोशिश की है, ….. आपके विचारों के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

Ramesh bajpai के द्वारा
December 10, 2010

रौशनी जी बहुत ही खूब सूरत अंदाज में आपने जिन्दगी के सबसे मूल्यवान अहसाह का तोहफा पोस्ट के रूप में दिया है बहुत बहुत बधाई

    roshni के द्वारा
    December 10, 2010

    रमेश बाजपाई जी , आपको ये पोस्ट अच्छी लगी सच में जानकर बहुत खुशी हुई .. आपकी प्रतिक्रिया और प्रोत्सहन के लिए धन्यवाद

December 9, 2010

कसम खाई थी हमने कि अब किसी को प्यार ना करेंगे, ऐसी फैलाई रोशनी आपने, कि हम मजबूर हो गए…..

    roshni के द्वारा
    December 10, 2010

    राजेंदर जी दिल में ही छुपी होती है चाहत की रौशनी , बस बंद दिल की खिडकियों को खोलिए जरा प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया

Aakash Tiwaari के द्वारा
December 9, 2010

रोशनी जी, बहुत ही अच्छा और सच्चा लेख..नवजवान क्या जाने सच्चा प्यार क्या होता है…जो उम्र के आखिरी पड़ाव में साथ है वही तो सच्चा साथी है.. दो शब्द… “इस तन्हा जिंदगी में सबकुछ बेगाना सा था, इक तेरा नाम था जो कुछ जाना पहिचाना सा था..” http://aakashtiwaary.jagranjunction.com आकाश तिवारी

    roshni के द्वारा
    December 10, 2010

    आकाश जी , सचे साथ की परख तो जीवन भर साथ रह कर होती ही होती है .. जब हर मुश्किल हर चुनौती को साथ साथ जिया जाता है ……साहिल पे रहने वाले क्या जाने समंदर की गहराई…….. आपके दो शब्द बहुत अच्छे लगे धन्यवाद

chaatak के द्वारा
December 9, 2010

रौशनी जी, सराहनीय प्रयास है आपका| शायद प्रेम का सबसे खूबसूरत सन्देश मंच पर आज आपकी पोस्ट के रूप में पढने को मिला| मुझे प्रेम में बिलकुल भी विश्वास नहीं है लेकिन इस संस्मरण को मैं विशुद्धतम प्रेम ही कहूँगा बिना किसी हिचक के, बिना किसी संदेह के| तथाकथित प्रेम के बारे में मेरी धारणा के विपरीत टिप्पड़ी करने को मजबूर कर देने वाली इस खूबसूरत पोस्ट पर आपको कोटिशः बधाईयाँ!

    roshni के द्वारा
    December 10, 2010

    चातक जी , प्रेम के बारे में आपकी जो भी धारणा है शायद वोह इस समय अनुरूप सही हो .. मगर प्रेम कही इस से बढ़कर है ……. मात्र आकर्षण को प्यार नहीं कहा जा सकता .. असली प्यार तो जीवन के दुःख सुख और धुप छाव साथ साथ झेल कर ही सामने आता है अपने सुंदरतम रुप में …… आपकी प्रतिक्रिया के रुप में प्रेम के बारे में बदली धारणा के लिए कोटिश धन्यवाद आभार सहित


topic of the week



latest from jagran