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अक्सर वो पूछता है

Posted On: 4 Dec, 2010 में

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अक्सर वो पूछता है,
उससे मुझे प्यार है कितना???
मै कहती हूँ तुझको ऐतबार है जितना !
———————————————————————————–
वो पूछता है,
साथ निभाओगी कितनी दूर,
मै कहती हूँ जब तक खुदा को दिल में मेरे धड़कन है मंजूर !
—————————————————————————————-
फिर कभी कहता है,
क्या मै हूँ तेरे काबिल,
मै कहती हूँ मेरी हर इबादत का तू ही है हांसिल !

———————————————————————————–
फिर कहता है,
की मुझसे कभी रुठोगी तो नहीं
मै कहती हूँ रूठी तो फिर मानूँगी ना कभी
———————————————————————————–
वो कहता है,
के मना लूँगा मैं हँसकर इक पल मै,
मै कहती हूँ तू ऐसा ही रहना मेरे आज और कल मैं !

———————————————————————————–
फिर उदास होकर कहता है,
कभी दूर जाओगी तो नहीं,
मै कहती हूँ मर भी गयी तो रहूँगी यादों में तेरी !
———————————————————————————–
वह अक्सर यों सवाल करके रोता है और रुला देता है बार बार
सच ही है दीवाना बना देता है ये प्यार
अक्सर वो पूछता है …..अक्सर वो पूछता है….

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866 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

shifali के द्वारा
February 4, 2011

वाह रौशनी जी मैंने आपकी कविता पढ़ी और मुझे बहुत अच्छी लगी ..ऐसे ही लिखते रहना…

    roshni के द्वारा
    February 10, 2011

    शिफाली जी अपने इतनी तारीफ की मुझे बहुत खुशी हुई

Deepak Jain के द्वारा
January 27, 2011

अक्सर वो पूछता है, उससे मुझे प्यार है कितना??? मै कहती हूँ तुझको ऐतबार है जितना क्या बात है .. बेहतरीन कविता

    roshni के द्वारा
    February 10, 2011

    दीपक जैन जी शुक्रिया

Coolbaby के द्वारा
December 25, 2010

:) :) :) :):):):):) Love has a childish nature inside ….

    roshni के द्वारा
    December 26, 2010

    absolutely right …

chaatak के द्वारा
December 7, 2010

रौशनी जी, आपकी कविताओं की हर पंक्ति बड़ी गहरे अहसासों को व्यक्त करती हैं| बड़े सहज तरीके से आपने इस वार्तालाप को लिखा है मनोभाव जितने जटिल हैं अभिव्यक्ति उतनी ही सरल और सहज है| बहुत खूब! बहुत खूब! बहुत खूब!

    roshni के द्वारा
    December 8, 2010

    चातक जी धन्यवाद .. मगर ये क्या आप की टिप्पिनी तो बहुत देर से मिली …. लेकिन देर से ही सही शुक्रिया ..

    Stella के द्वारा
    July 12, 2016

    Really trwstuorthy blog. Please keep updating with great posts like this one. I have booked marked your site and am about to email it to a few friends of mine that I know would enjoy reading..

Rohit के द्वारा
December 6, 2010

Having no words to express the feelings. Another Master piece. Keep It up

    roshni के द्वारा
    December 6, 2010

    thank u very much rohti to like this poem ….

सच ही है दीवाना बना देता है ये प्यार !! सही है रौशनी जी ,, लेकिन ज्यादा तर यह प्यार एक दिन कभी ना ख़त्म होने वाला ज़ख्म देकर चला जाता है ,, एक पंक्ति जो बहुत पहले कहीं पढ़ी थी :: कुछ सपने बनकर ढल जायेंगे कुछ दर्द चिता संग जायेंगे !! राशिद http://rashid.jagranjunction.com

    roshni के द्वारा
    December 6, 2010

    रशीद जी , आपकी इन पंक्तियों पे कहुगी जरुरी तो नहीं सब लोग बदल जाते है कुछ लोग वक़्त के सांचे में ढल जाते है कहने को तो रहते है बहुत पास मे ही बस हाथ की लकीरों से निकल जाते है टिप्पणी के लिए शुक्रिया

    Barbi के द्वारा
    July 12, 2016

    Hotel Sa7#2t8&1n;Angelo /Via M. Dionigi 16, Vaticano, 00193 RomeDomus Romana Hotel Rome, RM | Area: Colosseum – Roman Forum Hesperia del MarEspronceda, 6, Sant Martí, 08005 BarcelonaSunotel JuniorAvenida Sarrià, 9, Eixample, 08029 Barcelon

allrounder के द्वारा
December 6, 2010

रौशनी जी, एक बार फिर से मन के भावों की उत्तम अभिव्यक्ति के लिए बधाई ! आपकी कविताओं को पढने के बाद चंद पंक्ति मेरी ओर से आपके सम्मान मैं ………. आप और आपके ये गहरे एहसास ! बनाते हैं इस मंच पर आपको कुछ ख़ास ! मन मैं एक उमंग सी जागती है पढ़कर इन्हें गर मन हो रहा हो चाहे कितना भी उदास !

    roshni के द्वारा
    December 6, 2010

    सचिन जी आपके द्वारा मेरे सम्मान में लिखी गयी ये पंक्तियाँ बहुत अच्छी लगी ……. इतने सारे सम्मान के लिए और प्रोत्साहन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद …

    Bidan के द्वारा
    January 12, 2014

    Shiver me timbers, them’s some great inntmraoiof.

Aakash Tiwaari के द्वारा
December 6, 2010

रोशनी जी, बहुत ही अच्छी और नए अंदाज में… सच ही है दीवाना बना देता है ये प्यार अक्सर वो पूछता है …..अक्सर वो पूछता है…. आकाश तिवारी

    roshni के द्वारा
    December 6, 2010

    आकाश जी धन्यवाद

rita singh 'sarjana' के द्वारा
December 6, 2010

रौशनी जी , वाह ,क्या बात हैं ! अच्छी कविता – “वह अक्सर यों सवाल करके रोता है और रुला देता है बार बार सच ही है दीवाना बना देता है ये प्यार अक्सर वो पूछता है …..अक्सर वो पूछता है….l ” बहुत-बहुत बधाई l लिबास पढने के बाद भी कुछ कारणवश प्रतिक्रिया दे न पाई ,क्षमा प्रार्थी हूँ l उसके लिए भी पुन एकबार बधाई l

    roshni के द्वारा
    December 6, 2010

    रीता जी प्रातक्रिया के लिए शुक्रिया … और क्षमा जैसे शब्द कह कर मुझे शर्मिंदा न करे .. आप की शुभकामनाये यु भी साथ है … धन्यवाद सहित

nikhil के द्वारा
December 5, 2010

रौशनी जी ..सारी पंक्तिया एकदम व्यवहारिक है जब हम प्रेम में होते है तब….ये सारी पंक्तिया सामने आती है…. .. वह अक्सर यों सवाल करके रोता है और रुला देता है बार बार सच ही है दीवाना बना देता है ये प्यार ………….. बहुत सुन्दर

    roshni के द्वारा
    December 6, 2010

    निखिल जी सही कहा अपने जब हम प्रेम होते है तो यही सब बाते होती है ……. प्रतिक्रिया के लिए तहे दिल से शुक्रिया

    Aslan के द्वारा
    July 12, 2016

    I liked the one of Jennifer and Josh together, too. It would be cute and funny if someone put together a montage of their funny moments and outtakes to that Sinatra song, &#2A70;2in‚t that a kick in the head.”

Alka Gupta के द्वारा
December 5, 2010

रोशनी जी,    ’ मैं कहती हूँ मर भी गई  तो रहूँगी यादों में तेरी ! ……….’ कितने भावों भरी  पंक्ति ………..बहुत ही सुंदर रचना  !

    roshni के द्वारा
    December 5, 2010

    अलका जी , कविता की सराहना के लिए तहे दिल से शुक्रिया

abodhbaalak के द्वारा
December 5, 2010

रौशनी जी पता नहीं क्यों, इस रचना को पढ़ कर लगता है की शायद हर प्रेमी अपनी प्रेमिका से इस तरह के प्रश्न करता होगा और उसे उसका उत्तर भी ऐसे ही मिलता होगा, और भी बहुत कुछ आपकी रचना पर कहना चाहता हूँ पर मेरे पास शब्द नहीं है, बहुत गहरी, बहुत मीठी, बहुत दिल को छू लेने वाली रचना है, सच तो ये है की मैंने अब तक आपकी जितनी रचना पढ़ी है संभवतः उनमे सर्वश्रेष्ट, और अब क्या लिखूं? http://abodhbaalak.jagranjunction.com

    roshni के द्वारा
    December 5, 2010

    अबोध जी , हाँ शायद हर प्यार करने वाला यही सवाल पूछता होगा ….. और उत्तर भी कुछ ऐसे होते होगे … आपको ये भाव ये कविता सर्वश्रेष्ट लगी इस के लिए दिल से शुक्रिया

Harish Bhatt के द्वारा
December 5, 2010

नमस्ते रोशनी जी, बहुत अच्छी रचना हार्दिक बधाई.

    roshni के द्वारा
    December 5, 2010

    हरीश जी नमस्कार , आपकी प्रतिक्रिया पाकर ख़ुशी हुई … आपके टिप्पणी के लिए धन्यवाद

    Kailan के द्वारा
    July 12, 2016

    Es increíble como toca de alguna manera nuestra parte emocional este relato, me identifico mucho y lo hago mío así no haya sido Brasil el país de destino. En la vida no hay nada mejor que la experiencia de poder tener la oportunidad de conocer otros países, compartir con personas de otras culturas, es donde conocemos la riqueza de la diversidad de la vida y en esto lo maravillosa que puede ser según nos la propongamos. IntÃmesante­siro relato, por este medio aprovecho para felicitar al autor del mismo, enhorabuena Eduardo Luis !!!

nishamittal के द्वारा
December 5, 2010

वाह रोशनी जी,आनंद आ गया पढ़कर आपकी नयी रचना.मनोभावों को कविता के माध्यम से प्रस्तुत करना कठिन काम है.अति सुन्दर.

    roshni के द्वारा
    December 5, 2010

    निशा जी धन्यवाद . आपको कविता अच्छी लगी ….

    Charlotte के द्वारा
    July 12, 2016

    If my problem was a Death Star, this article is a photon toepdro.

आर.एन. शाही के द्वारा
December 5, 2010

अद्भुत भावों से भरी कविता रोशनी जी! कोई कमेंट नहीं सूझ रहा । आप तो सिद्धहस्त हैं भावनाओं को शब्द ओढ़ाने में, सभी ये क्षमता कहां से ला पाएंगे । बस आकाश जी की कविताओं और राजेंद्र जी की प्रेरणा से मुझे भी एक गाने की चन्द लाइनें ही याद आ रही हैं, जो मेरे वश की बात है — रौशन तुम्हीं से दुनिया, रौनक़ तुम्हीं जहां की, फ़ूलों में पलने वाली, रानी हो गुलिश्तां की, सलामत रहो–सलामत रहो । … बहुत-बहुत बधाई ।

    roshni के द्वारा
    December 5, 2010

    शाही जी नमस्कार , प्रतिक्रिया के दो शब्द भी बहुत है …… फिर अपने गाने के रूप में जो टिप्पणी की वोह भी बहुत अच्छी है ……… प्रोत्सहन और टिप्पणी के लिए धन्यवाद आभार सहित

Dharmesh Tiwari के द्वारा
December 5, 2010

नमस्ते रोशनी जी,…………………………..फिर उदास होकर कहता है, कभी दूर जाओगी तो नहीं, मै कहती हूँ मर भी गयी तो रहूँगी यादों में तेरी ………………..बहुत ही अच्छे और गहरे सवालों को पूछती लाईने,धन्यवाद!

    roshni के द्वारा
    December 5, 2010

    धर्मेश जी नमस्ते …………… आपको रचना अच्छी लगी जानकर खुशी हुई ….इसी प्रकार अपने विचारों से अवगत करवाते रहिएगा … टिप्पणी के लिए धन्यवाद

rajeev dubey के द्वारा
December 5, 2010

अंदाज़ शरारत भरा और बातें गहरी …

    roshni के द्वारा
    December 5, 2010

    राजीव जी सही कहा अपने ….. प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद

    Tessa के द्वारा
    July 12, 2016

    Doing the dance to!!k!Thanos for stopping by!!I came by to visit and I know that I am very late with this comment, but I was so excited to read that someone had a lot of the same feelings that I have been having. I so hope that he can make the changes that will be of benefit to all Americans. I loved you post!!!!!

syeds के द्वारा
December 5, 2010

वह अक्सर यों सवाल करके रोता है और रुला देता है बार बार सच ही है दीवाना बना देता है ये प्यार अक्सर वो पूछता है …..अक्सर वो पूछता है…. रौशनी जी आपकी सारी कविताएँ एक दूसरे से बढ़ कर हैं, यह कविता भी मै सांस रोके पढता रहा आपकी अगली रचना का इंतज़ार रहेगा.

    roshni के द्वारा
    December 5, 2010

    Syeds जी ये जानकर अच्छा लगा की आपको मेरी कविताये अच्छी लगती hai … bs भावो को शब्दों में ढलने की कोशिश है ये सब ……….. जल्दी है अगली कविता भी पोस्ट करुगी ……. प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद

    Gracelyn के द्वारा
    June 21, 2011

    Super infomartive writing; keep it up.

    Tailynn के द्वारा
    July 12, 2016

    Why is it that guys think a perfectly normal amount of shoes is a lot?! I’ve never felt that living in Poland requires a greater than average number of shoes. Ok, being offered slippers in someone el8#7es21&;s house was a little surprising to start with, but it makes sense: floors tend to be tiled rather than carpeted and it’s chilly.

December 4, 2010

रोशनी जी, आपने इस कविता के माध्यम से इस दिल में दब चुकी किसी चिंगारी को हवा दे दी है. आपकी कविता के इन्हीं सवालों को कोई मुझसे भी पूछता है पर मेरे पास कोई जवाब नहीं होता क्यों कि………..जाने क्या ढूंढती रहती हैं उसकी ऑंखें मुझमे, राख के ढेर में शोला है न चिंगारी है…..

    roshni के द्वारा
    December 5, 2010

    राजेंदर जी , शायद इन सवालों के जवाब पूछने वाले को भी पता होते है बस अपने प्यार से सुनने की लिए ही ये सवाल किये जाते है .. उससे जवाब सुनकर ही ज्यदा ख़ुशी मिलती है ……… आप जवाब देने की कोशिश जरुर करियेगा क्युकी जो बात सवाल रह जाती है वह चैन से साँस नहीं लेने देती ….. इसलिए आप उसे जरुर जवाब दीजियेगा …………. धन्यवाद सहित


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