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"तुम हो तो"

Posted On: 16 Oct, 2010 में

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तुम हो तो- मेरे मन का बच्चा खिलखिलाता है
आजाद होके सब उलझनो से मुस्कुराता है…

तुम हो तो - लगता है दुनिया हसीं है,
मीठी सी चाय भी अक्सर लगती नमकीन है…

तुम हो तो - सपनो को मिलती है उच्ची उडान,
चाँद तारों , बादलों से हो गयी है मेरी पहचान….

तुम हो तो – धड़कन लेती है दिल में साँस,
कहती है किसी एक के लिए तू है कितनी खास…

तुम हो तो – अब मरने की भी फुर्सत नहीं मुझे,
हर शै से प्यार है दुश्मन से भी नफरत नहीं मुझे….

तुम हो तो - धुप में भी छाव साथ चलती है,
सूरज की हर किरण से जैसे दुआ निकलती है….

तुम हो तो – मेरे वजूद को एक नाम मिला है
तेरे रूप में मुझे मेरा भगवन मिला है …
तुम हो तो हाँ तुम हो तो…………….

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709 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Manish Singh "गमेदिल" के द्वारा
October 30, 2010

तुम हो तो – अब मरने की भी फुर्सत नहीं मुझे, हर शै से प्यार है दुश्मन से भी नफरत नहीं मुझे…. मेरा दिल कहता है – क्या बात है रौशनी जी………….. तुम हो तो मुझे कल्पनाओं से प्यार है, तू ही मेरी कलम, कागज और विचार है……………………… तुम हो तो हाँ तुम हो तो……………. http://manishgumedil.jagranjunction.com

    roshni के द्वारा
    October 30, 2010

    मनीष जी धन्यवाद आपके विचारों के लिए

    Jacki के द्वारा
    July 12, 2016

    I was just searching for this info for some time. After 6 hours of continuous Googleing, finally I got it in your site. I wonder what is the lack of Google strategy that don’t rank this type of informative sites in top of the list. Usually the top sites are full of garbage.VA:F [1]1p97_1161..lease wait…

chadndra kailash के द्वारा
October 27, 2010

ahsas insan ko kuda banate hai pyar main kisi ke gar ho mohabbat har kisi de dill mai to ye jahan jannat ban jaye jahan pyar hi pyar hoi nafrat ka nishan na ho pyar se hua hai peda to pyar me hi marta vo

    roshni के द्वारा
    October 27, 2010

    thank u kailsah ji……..aap to badi acchi kavita kehte hai… thank u……

vijay kumar के द्वारा
October 23, 2010

thanks for your poet

    roshni के द्वारा
    October 23, 2010

    Thanks a lot vijay ji

Coolbaby के द्वारा
October 23, 2010

But who is that mysterious tum?

    roshni के द्वारा
    October 23, 2010

    Coolbabay ji mystery is mystery.. so than how i can expose it … thanks for ur comment…….

    Najma के द्वारा
    January 11, 2014

    At last! Someone with the insight to solve the prmloeb!

Harish के द्वारा
October 21, 2010

मन को छू जाने वाली कविता के लिए बधाई.

    roshni के द्वारा
    October 22, 2010

    आदरनिये हरीश जी आपकी प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद् ….. आभार सहित

anju के द्वारा
October 21, 2010

हमेशा की तरह बहुत बढ़िया रौशनी..

    roshni के द्वारा
    October 22, 2010

    अंजू जी धन्यवाद

priyasingh के द्वारा
October 19, 2010

बहुत ही प्यारी कविता ………….

    roshni के द्वारा
    October 20, 2010

    प्रिया जी बहुत बहुत शुक्रिया तारीफ के लिए .. धन्यवाद

soni garg के द्वारा
October 19, 2010

waah dear ek aur hit ………gr8 ….

    roshni के द्वारा
    October 19, 2010

    Thank u Soni जी.. बस आपका प्यार है… और प्रोत्साहन ..

mansi के द्वारा
October 18, 2010

रौशनी, तुम हो तो तुम हो तो बस तुम हो तो , वाह

    roshni के द्वारा
    October 19, 2010

    धन्यवाद मानसी जी…

syeds के द्वारा
October 17, 2010

तुम हो तो – अब मरने की भी फुर्सत नहीं मुझे, हर शै से प्यार है दुश्मन से भी नफरत नहीं मुझे…. बेहद सुन्दर कविता ,सच सच सच… बस ज़ख्म हरे हो गए…. http://syeds.jagranjunction.com

    roshni के द्वारा
    October 19, 2010

    syeds जी, आपकी अनमोल प्रतिर्किया के लिए तहे दिल से धन्यवाद… आभार सहित

kmmishra के द्वारा
October 17, 2010

तुम हो तो – अब मरने की भी फुर्सत नहीं मुझे, हर शै से प्यार है दुश्मन से भी नफरत नहीं मुझे…. तुम हो तो – धुप में भी छाव साथ चलती है, सूरज की हर किरण से जैसे दुआ निकलती है…. . रोशनी बहन नमस्कार । प्रेम रस में डूबी, प्रेमियों के अंतर्मन का सजीव चित्रण करती इस बेहतरीन कविता के लिये बहुत बहुत आभार ।

    roshni के द्वारा
    October 19, 2010

    Respected Mishra ji, नमस्कार आपको कविता अच्छी लगी और आपकी टिप्पणी के लिए अति धन्यवाद आभार सहित

Shailesh Kumar Pandey के द्वारा
October 17, 2010

रोशनी जी सुन्दर रचना ! बधाई

    roshni के द्वारा
    October 19, 2010

    शैलेश कुमार पाण्डेय जी …… प्रतिर्किया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद आभार सहित

roshni के द्वारा
October 17, 2010

विजयदशमी के शुभ अवसर पर मेरी और से जागरण परिवार के सब सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाये…. रौशनी

abodhbaalak के द्वारा
October 17, 2010

“तुम हो तो हर शय ही हसीं लगती है तुम हो तो दुनिया ही जन्नत सी लगती है” रौशनी जी आपने प्यार में डूबी हुई भावनाओं को साकार किया है, सुन्दर कविता, बधाई हो http://abodhbaalak.jagranjunction.com

    roshni के द्वारा
    October 17, 2010

    अबोधबालक जी जिन्दगी में प्यार से प्यारा कोई नहीं .. फिर वोह प्यार चाहे दोस्त से हो माँ-बाप से या प्रेमी-प्रमिका का .. प्यार में डूब कर ही किनारे मिलते है …बस उन्ही भावों को लिखने की छोटी सी कोशिश की है … आपकी अमूल्य टिप्पणी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

jalal के द्वारा
October 17, 2010

वह रौशनी जी, बहुत उम्दा. मतलब तुम हो तो सब है. शुक्रिया.

    roshni के द्वारा
    October 17, 2010

    जलाल जी, यूबी जिन्दगी में कोई एक सचे दिल से चाहने वाला इंसान मिल जाये तो वही सब कुछ है … बस यही भाव है रचना के .. आपकी प्रतिक्रिया के लिए तहे दिल से शुक्रिया…….. धन्यवाद सहित

Aakash Tiwaari के द्वारा
October 17, 2010

रौशनी जी, प्यार को बहुत ही प्यार से उकेरा है कागज़ पर आपने…बहुत ही मधुर रचना…बहुत बहुत बधाई दो शब्द मेरी ओर से “तुम हो तो – कागज़ की कश्ती को भी किनारे मिल जायेंगे. बिन तेरे तो हम मझधार में ही रह जायेंगे…” आकाश तिवारी

    roshni के द्वारा
    October 17, 2010

    आकाश तिवारी जी आपके दो शब्द बहुत अच्छे लगे .. बल्कि दिल को छु गए … मेरी तरफ से इतने बढ़िया शेर के लिए वाह वाह … और आपकी प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत शुक्रिया धन्यवाद सहित

Dharmesh Tiwari के द्वारा
October 17, 2010

नमस्कार रौशनी जी…………..तुम हो तो – धड़कन लेती है दिल में साँस, कहती है किसी एक के लिए तू है कितनी खास…………..”तुम हो तो” को आपने इन चंद अति सुशोभित शब्दों को जोड़कर कितना सुन्दर वर्डन किया है,बहुत खूब,धन्यवाद!

    roshni के द्वारा
    October 17, 2010

    धर्मेश तिवारी जी नमस्कार, आपके विचार जान कर और प्रतिक्रिया देख कर बहुत खुशी हुई … आपकी अमूल्य टिप्पणी के लिए धन्यवाद .. आभार सहित

    Muntazir के द्वारा
    January 10, 2014

    These pieces really set a standard in the inyutsrd.

deepak joshi के द्वारा
October 17, 2010

रोशनी जी, प्रणाम, बहुत ही अच्‍छी रचना है, तुम हो तो …… एक सुसुप्‍त शरीर में शब्‍दों से जो जान फूंकी है वह काबिले तारिफ है। चार पंक्तियों में इतना विस्‍तृत, एवं सुन्‍दर विशलेषण के लिए आप को बधाई।

    roshni के द्वारा
    October 17, 2010

    दीपक जोशी जी प्रणाम , सुन्दर शब्दों से सजी हुई प्रतिक्रिया पाकर बहुत अच्छा लगा … युही अपने कीमती विचार देते रहिएगा……. बहुत बहुत शुक्रिया आभार सहित

Ramesh bajpai के द्वारा
October 17, 2010

तुम हो तो – धुप में भी छाव साथ चलती है, सूरज की हर किरण से जैसे दुआ निकलती है…. बहुत खूब रौशनी जी , यह शीतल बयार सी अभिव्यक्ति . भावनाओ के पंखो पर उडती हुयी जिन्दगी के जज्बे को बिखेर रही है बहुत बहुत बधाई

    roshni के द्वारा
    October 17, 2010

    आदरनिये वाजपई जी, आपकी प्रतिर्किया और सनेह के लिए दिल से धन्यवाद .. जब आप जैसे अनुभवी दिल से सराहना करते है तो बहुत ही अच्छा लगता है … आभार सहित

ashvini kumar के द्वारा
October 16, 2010

रौशनी जी आपकी कविता दिल को छू गई (तुम हो तो) की व्याक्ख्या, इतनी सुंदर प्रस्तुति ,इतना प्रबल शाब्दिक आकर्षण ,अत्यधिक हृदय स्पर्शी, जैसे बिजली की एक कौंध जो पृथ्वी का कलेजा चाक कर देती है ,,

    roshni के द्वारा
    October 17, 2010

    अश्विनी कुमार जी आपकी इतनी उपमाओ से भरी प्रतिक्रिया पाकर बहुत ही अच्छा लगा … कविता की इतनी साडी सुन्दर तारीफ के लिए बहुत बहुत धन्यवाद …आगे भी आपके विचारों से अवगत करवाते रहिएगा. धन्यवाद सहित

    Danice के द्वारा
    July 12, 2016

    You have described what I call “brain farts”. They are really scary huh? What is scarier is that my mother died of Alheimers as did my aunt her sister. I am 60 and am scared of getting it.I fail to understand why you could not master the mandolin? There is the old trusty serrated edge knisi.Blefsengs on you and yoursJohn Wilder

chaatak के द्वारा
October 16, 2010

रौशनी जी, एक बार फिर आपने मंत्रमुग्ध कर दिया| कविता की यह शैली मुझे सबसे ज्यादा पसंद है| इस सॉनेट में जिस तरह पेट्रार्कन शैली पर आपने अपनी छाप डाली है उससे कविता का ये रूप सहज ही हिंदी काव्य के सर्वथा अनुकूल बन गया है| खूबसूरत उदगार और दिल को छू लेने वाले विचारों पर हार्दिक बधाई!

    roshni के द्वारा
    October 17, 2010

    चातक जी इतनी सारी सराहना के लिए अति धन्यवाद ..बस सब आप लोगों के प्रोत्सहन के फलसरूप शबद कविता के रूप ले लेते है … एक बार फिर से बहुत बहुत शुक्रिया धन्यवाद सहित


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