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मै इश्क हूँ

Posted On: 5 Aug, 2010 में

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वो मै ही हूँ जो टूटे आईने को जोड़ा करता हूँ,
वो मै ही हूँ जो खाली कागजों पे रंग भरता हूँ !!!!
मेरी दीवानगी है ये, या जूनून है मेरे दिल का
कि समंदर की गहराइयों में उसके लिए मोती तलाश करता हूँ!!!!
********
कभी कभी तो लड़ जाता हूँ इन चाँद तारों से
ये रौशनी चुराते है उसकी सितारा निगाहों से
मै शब् भर जाग कर हर तारा तोडा करता हूँ !!!!
********
हाँ मैंने ही सिखाया है जीते जी मर जाना
और मैंने सिखाया मर कर भी जिन्दा रहना
हर एक नज़रों से गिर जाता हूँ वफ़ा कर के
और एक की नज़रों मे खुदा बन कर रहा करता हूँ !!!!!
********
मै इश्क हूँ तेरी रगों मे बहता रहूगा सदा
वो मै हु जो हर सदी मै करूँगा ये खता
वो मै ही हूँ जो परवाना बन जल जाया करता हूँ !!!!!
********
मै इश्क हूँ मुझसे कभी भी बच न पाओगे
मेरे लिए तो तुम हसकर भी ये जान गवाओगे
मै जिन्दा रहता हूँ सबके के अंदर साँस की तरह
बस दुनिया की नज़रों में मर जाया करता हूँ !!!!
********

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24 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rupendra singh के द्वारा
October 16, 2010

दुनिया की नजरो में जिन्दा रहना इस्सक है मर कर इसे बदनाम न करो. रूपेंद्र सिंह 09827958380

    roshni के द्वारा
    October 16, 2010

    रूपेंद्र सिंह जी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद

manishgumedil के द्वारा
September 5, 2010

मेरा दिल कहता है……….. एक नवंतुक के प्रेरणा श्रोत के लिए आपकी रचनाये अतिउपयोगी हैं………

    roshni के द्वारा
    September 5, 2010

    धन्यवाद मनीष जी

Yogesh के द्वारा
August 9, 2010

प्रिये रौशनी जी आपकी कविता पड़ी आपके लिखे शब्द निश्चित ही दिल को छूतें हैं ! कितनी सुंदर लाइन लिखी हैं आपने “मै जिन्दा रहता हूँ सबके के अंदर साँस की तरह बस दुनिया की नज़रों में मर जाया करता हूँ !!!! बाकई बहुत सुंदर , ईश्वर आपको और सुंदर लिखने की कला प्रदान करे ! हमारी शुभकामनाएं yogeshgupta1973@gmail.com

    roshni के द्वारा
    August 9, 2010

    योगेश जी आपको कविता अच्छी लगी जानकार खुशी हुई… आपकी शुभकामनाएं के लिए तहे दिल से शुक्रिया…और मै और अच्छा लिखने का प्रयत्न करुगी … आभार सहित

roshni के द्वारा
August 8, 2010

सोनी जी thanks a lot for ur precious comment….

Soni garg के द्वारा
August 7, 2010

What a great defination of LOVE ………again good one …..keep it up …….

rashmi negi के द्वारा
August 6, 2010

वाह… दी   कया बात है….. बहुत सुंदर कविता है….

    roshni के द्वारा
    August 6, 2010

    रश्मि जी आपको कविता अच्छी लगी मुझे जान कर खुशी हुई…… धन्यवाद

R K KHURANA के द्वारा
August 6, 2010

प्रिय रौशनी जी, बहुत सुंदर कविता ! बहुत खूब ! मेरी शुभकामनायें राम कृष्ण खुराना

    roshni के द्वारा
    August 6, 2010

    Respected खुराना जी , जब इतने अनुभवी लेखक कविता को पढ़कर अपने विचार देते है तो बहुत अच्छा लगता है… आपको मेरी कविता सुन्दर लगी ये जानकार अच्छा लगा… आपकी टिप्पणी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद………. आभार सहित

    Ariana के द्वारा
    January 12, 2014

    Thta’s going to make things a lot easier from here on out.

kmmishra के द्वारा
August 6, 2010

बेहद खूबसूरत कविता के लिये आभार ।

    roshni के द्वारा
    August 6, 2010

    Kmishra ji धन्यवाद आपकी प्रतिक्रिया हमेशा हमे अच्छा लिखने को प्रेरित करती है… आभार सहित

anju के द्वारा
August 6, 2010

बहुत आछी कविता लिखी है आपने रौशनी जी आपने कमाल का लेखन है आपका

    roshni के द्वारा
    August 6, 2010

    अंजू जी शुक्रिया इसी तरह अपने विचारों से अवगत करवाते रहिएगा…

mansi के द्वारा
August 6, 2010

रौशनी जी बहुत अच्छी कविता मै जिन्दा रहता हूँ सबके के अंदर साँस की तरह बस दुनिया की नज़रों में मर जाया करता हूँ nice lines……

    roshni के द्वारा
    August 6, 2010

    मानसी जी धन्यवाद ..

    Lavar के द्वारा
    July 12, 2016

    Keep these areclits coming as they’ve opened many new doors for me.

aakashtiwaary के द्वारा
August 5, 2010

बहुत शानदार कविता. आकाश

    roshni के द्वारा
    August 5, 2010

    आकाश जी आपको कविता पसंद आयी शुक्रिया……..

chaatak के द्वारा
August 5, 2010

बहुत ही खूबसूरत प्रस्तुति! रौशनी जी, कमाल का लिखती हैं आप| ‘हर एक नज़र से गिर जाता हूँ वफ़ा कर के’ इस एक पंक्ति ने बहुत सारी चीज़े एक पल में याद दिला दी| बधाई!

    roshni के द्वारा
    August 5, 2010

    चातक जी धन्यवाद …. इतनी सारी तारीफ की लिए बहुत शुक्रिया… लगता है आप भी वफ़ा के कायल है … और शायद घायल भी……. बुरा मत मानियेगा…. वैसे आप जितना अच्छा नहीं लिखती… आपकी पहेली नुमा कविता ने तो कमाल कर दिया है …. तहे दिल से शुक्रिया…


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